25 लाख का गांजा बरामद, दो गिरफ्तार, गैंग का मास्टरमाइंड शुभम पाठक 2-3 साल से था इस काले धंधे में
नोएडा: नोएडा के सेक्टर-20 थाना पुलिस ने साड़ियों की आड़ में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी का खुलासा किया है. पुलिस ने दो ऐसे तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो साड़ियों के पार्सल में छुपाकर लाखों रुपये का गांजा सप्लाई कर रहे थे. इनके पास से कुल 37 किलो 696 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है. नोएडा के एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस और एसओजी टीम ने दोनों तस्करों शुभम पाठक और शिवम दूबे को एक इनपुट पर सेक्टर-17 से गिरफ्तार किया. पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल होने वाली 39 कीमती साड़ियां भी बरामद की है.
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड शुभम पाठक है, जो पिछले 2-3 साल से इस काले धंधे में लगा था. यह गैंग पश्चिम बंगाल से कूरियर कंपनियों के जरिए साड़ियों के पार्सल मंगवाता था. चेकिंग से बचने और किसी को शक न हो, इसलिए गांजे को साड़ियों की पैकिंग के अंदर बेहद चालाकी से छुपाया जाता था. पकड़े जाने के डर से शुभम हमेशा अधूरे या फर्जी पते पर पार्सल बुक कराता था और डिलीवरी बॉय के पहुंचने से पहले ही फोन ट्रैक करके खुद माल रिसीव कर लेता था. दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में इसी तरह यह गांजा सप्लाई किया जाता था.
पकड़े गए शुभम पाठक और शिवम दूबे ने खुलासा किया है यह कोई साधारण गांजा नहीं है, बल्कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में मिलने वाली खास पत्तियों को सुखाकर तैयार किया जाता है. इसके बाद इसे बार-बार प्रोसेस किया जाता है और एक विशेष रासायनिक प्रक्रिया से गुजारा जाता है. इस केमिकल कोटिंग की वजह से इसका नशा सामान्य गांजे से कई गुना ज्यादा खतरनाक और तेज हो जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी डिमांड और कीमत दोनों आसमान छू रही है. एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने कहा कि फिलहाल नोएडा पुलिस और एसओजी की इस मुस्तैदी ने ड्रग्स माफियाओं की कमर तोड़ दी है. दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कूरियर एजेंटों और खरीदारों की तलाश में जुट गई है.
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