लोनी के अशोक विहार में काशिफूल उलुम मदरसा सील, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण नहीं, अग्निशमन व विद्युत विभाग की एनओसी भी नहीं मिली
गाजियाबाद। लोनी थाना क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में बिना मान्यता और आवश्यक अनुमतियों के संचालित किए जा रहे एक मदरसे को प्रशासन ने शनिवार को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान मदरसा संचालक को सात दिन के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे एसडीएम दीपक सिंघनवाल और डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी भारी पुलिस बल के साथ अशोक विहार स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया काशिफुल उलूम पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मुनादी कराते हुए मदरसे को सील कर दिया और परिसर पर नोटिस चस्पा किया। नोटिस में बताया गया है कि मदरसा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकृत नहीं है तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। जांच में यह भी पाया गया कि मदरसा संचालक द्वारा सोसायटी का जीवित पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
प्रशासन के अनुसार मदरसे के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग तथा विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी प्राप्त नहीं किया गया था। इसके अतिरिक्त संस्थान में छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं थी और अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं पाई गई, जबकि यह अनिवार्य है। एसडीएम दीपक सिंघनवाल ने बताया कि मदरसे को फिलहाल सील कर दिया गया है। संचालक को सात दिन का समय देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन के अनुसार मदरसे के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग तथा विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी प्राप्त नहीं किया गया था। इसके अतिरिक्त संस्थान में छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं थी और अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं पाई गई, जबकि यह अनिवार्य है। एसडीएम दीपक सिंघनवाल ने बताया कि मदरसे को फिलहाल सील कर दिया गया है। संचालक को सात दिन का समय देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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