उपराज्यपाल ने तैयार किया नया रोडमैप: जन-भागीदारी से मजबूत होगी पुलिसिंग
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए अब पुलिस को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा।
उपराज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम और अपराधियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए। उनका कहना है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग से न केवल अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी सटीक नजर रखी जा सकेगी।
जन-भागीदारी से मजबूत होगी पुलिसिंग: उपराज्यपाल ने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्थानीय बाजार संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र और अपराध नियंत्रण के लिए जनता का विश्वास और सहयोग बेहद आवश्यक है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती: सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उपराज्यपाल ने गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही।
पुलिस कर्मियों के कल्याण पर विशेष जोर: उपराज्यपाल ने पुलिस बल के मनोबल को मजबूत करने के लिए कर्मियों के कल्याण, बेहतर सुविधाओं और कार्य वातावरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और पुलिस आवासीय परिसरों को 'जीरो-वेस्ट' (कचरा मुक्त) मॉडल के रूप में विकसित करने का विजन भी प्रस्तुत किया।
राजधानी में अपराध अब भी चुनौती: दिल्ली में चेन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से लगातार अपराध नियंत्रण की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और निष्ठावान बनाने के लिए सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए पुलिस बल को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उपराज्यपाल ने कहा, "सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। आधुनिक तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से दिल्ली को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।"
उपराज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम और अपराधियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए। उनका कहना है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग से न केवल अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी सटीक नजर रखी जा सकेगी।
जन-भागीदारी से मजबूत होगी पुलिसिंग: उपराज्यपाल ने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्थानीय बाजार संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र और अपराध नियंत्रण के लिए जनता का विश्वास और सहयोग बेहद आवश्यक है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती: सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उपराज्यपाल ने गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही।
पुलिस कर्मियों के कल्याण पर विशेष जोर: उपराज्यपाल ने पुलिस बल के मनोबल को मजबूत करने के लिए कर्मियों के कल्याण, बेहतर सुविधाओं और कार्य वातावरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और पुलिस आवासीय परिसरों को 'जीरो-वेस्ट' (कचरा मुक्त) मॉडल के रूप में विकसित करने का विजन भी प्रस्तुत किया।
राजधानी में अपराध अब भी चुनौती: दिल्ली में चेन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से लगातार अपराध नियंत्रण की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और निष्ठावान बनाने के लिए सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए पुलिस बल को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उपराज्यपाल ने कहा, "सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। आधुनिक तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से दिल्ली को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।"
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