2900 से ज्यादा फर्जी फिल्टर मिले; 9 महीने से चल रहा था कारोबार, दिल्ली-एनसीआर में फैला था नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के पुल प्रह्लादपुर इलाके में चल रहे एक बड़े जालसाजी के खेल को बेनकाब किया है। पुलिस ने एक अवैध फैक्ट्री और गोदाम पर अचानक छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में नकली RO फिल्टर, पार्ट्स और नामी कंपनियों के नकली रैपर बरामद किए हैं। यह गिरोह नामी ब्रांड्स के नकली फिल्टर बनाकर लोगों के घरों तक बीमारी परोसने का धंधा कर रहा था। जांच में सामने आया है कि, यह फैक्ट्री पूरी तरह अवैध तरीके से रिहायशी इलाके के पास संचालित हो रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को मौके से 2,932 तैयार नकली RO फिल्टर बरामद हुए हैं। ये सभी नकली और घटिया क्वालिटी के फिल्टर बाजार में बेहद लोकप्रिय और भरोसेमंद ब्रांड्स जैसे कैंट, एक्वागार्ड और हैवेल्स के नाम पर बेचे जा रहे थे। आम लोग असली और नकली का फर्क न समझ पाने के कारण इन ब्रांड्स के नाम पर धोखा खा रहे थे।
पुलिस ने केवल तैयार माल ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर नकली सामान तैयार करने वाला कच्चा माल भी जब्त किया है। बरामद किए गए सामानों में नामी कंपनियों की हूबहू दिखने वाली नकली पैकेजिंग सामग्री, फिल्टर कैप्स, नकली होलोग्राम और ब्रांडिंग से जुड़ी आधुनिक मशीनें शामिल हैं। इन मशीनों और रैपर्स की मदद से आरोपी लोकल और घटिया फिल्टर पर ब्रांडेड कंपनियों के स्टिकर और कैप लगाकर उन्हें बिल्कुल 'ओरिजिनल' लुक दे देते थे।
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसका यह गिरोह दिल्ली और पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के बाजारों में बड़े पैमाने पर इन नकली RO फिल्टरों और उनके स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई कर रहा था। लोकल दुकानदारों को यह सामान बेहद कम दामों पर दिया जाता था, जो बाद में ग्राहकों को असली की कीमत पर ऊंचे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। वाटर प्यूरीफायर में नकली और घटिया फिल्टर का इस्तेमाल होना लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है, क्योंकि ये पानी को सही तरीके से साफ नहीं करते, जिससे बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। दिल्ली पुलिस अब गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसका यह गिरोह दिल्ली और पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के बाजारों में बड़े पैमाने पर इन नकली RO फिल्टरों और उनके स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई कर रहा था। लोकल दुकानदारों को यह सामान बेहद कम दामों पर दिया जाता था, जो बाद में ग्राहकों को असली की कीमत पर ऊंचे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। वाटर प्यूरीफायर में नकली और घटिया फिल्टर का इस्तेमाल होना लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है, क्योंकि ये पानी को सही तरीके से साफ नहीं करते, जिससे बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। दिल्ली पुलिस अब गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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