आय सीमा से अधिक, 12 माह तक राशन नहीं लेने, मृतकों के नाम और डुप्लीकेट कार्ड मिलने पर हुई कार्रवाई
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पात्रता मानकों का उल्लंघन करने वाले 1.79 लाख से अधिक राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद करीब 7.45 लाख लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बाहर कर दिया गया है। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार विशेष सत्यापन अभियान के दौरान आय सीमा से अधिक होने, लंबे समय तक राशन नहीं लेने, मृत व्यक्तियों के नाम पर कार्ड संचालित होने तथा डुप्लीकेट राशन कार्ड जैसे मामलों का खुलासा हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सबसे अधिक 1.44 लाख राशन कार्ड ऐसे परिवारों के पाए गए, जिनकी वार्षिक आय निर्धारित पात्रता सीमा से अधिक थी। इन कार्डों से जुड़े 6.47 लाख से अधिक लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा 35 हजार से अधिक राशन कार्ड ऐसे पाए गए, जिनके धारकों ने लगातार 12 महीने तक सरकारी राशन नहीं लिया था। इस श्रेणी में 97,634 लाभार्थियों के नाम भी सूची से हटा दिए गए।
सत्यापन के दौरान मृत व्यक्तियों के नाम पर जारी राशन कार्डों के माध्यम से लाभ लेने वाले 4,987 लाभार्थियों तथा डुप्लीकेट राशन कार्ड के जरिए राशन प्राप्त करने वाले 29,391 लाभार्थियों को भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर कर दिया गया। विभाग के अनुसार सत्यापन अभियान में कुल 1,79,825 राशन कार्ड अमान्य पाए गए।
पात्र परिवारों तक पहुंचेगा राशन का लाभ: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपात्र लोगों को सूची से हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचे। विभाग भविष्य में भी समय-समय पर राशन कार्डों का सत्यापन जारी रखेगा, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट अथवा नियमों के विपरीत जारी राशन कार्डों की पहचान कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सके।
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