फर्जी बीमा एजेंट बनकर 2.5 करोड़ की ठगी, गाजियाबाद पुलिस ने तीन दबोचे

9 वारदातों का खुलासा, पांच मोबाइल फोन, लैपटॉप, 15 हजार रुपये और कार बरामद

गाजियाबाद।
स्वाट/सर्विलांस टीम नगर जोन और थाना कोतवाली नगर पुलिस ने बीमा पॉलिसी बेचने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 हजार रुपये नकद और एक मारुति बलेनो कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे और पॉलिसी लैप्स होने, नई पॉलिसी कराने या रिन्यू कराने का झांसा देकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर साइबर ठगी करते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा करीब 2.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। जांच में चार राज्यों की नौ साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। 
 पुलिस उपायुक्त नगर/ट्राँस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज शर्मा (31 वर्ष), निवासी ग्राम नान, थाना हाफिजपुर, जनपद हापुड़, हाल निवासी वेव सिटी, आदित्य यादव उर्फ मोनू (30 वर्ष), निवासी ग्राम नान, थाना हाफिजपुर, हापुड़, हाल निवासी ड्रीम होम्स सोसाइटी, वेव सिटी, प्रमोद हरीश चंद्र छेबड़े (35 वर्ष), निवासी महाराष्ट्र, हाल निवासी ड्रीम होम्स सोसाइटी, वेव सिटी के रूप में हुई है। 
बीमा कंपनियों के डाटा से बनाते थे शिकार: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पंकज शर्मा, नितिन कसाना और आदित्य यादव पहले नोएडा स्थित एक इंश्योरेंस पॉलिसी ब्रोकिंग कंपनी में कॉलिंग का काम करते थे। वर्ष 2022 से उन्होंने बीमा पॉलिसी डाटा का इस्तेमाल कर साइबर ठगी शुरू कर दी। आरोपी बीमा पॉलिसी के लैप्स होने वाले ग्राहकों के मोबाइल नंबर निकालकर उन्हें कॉल करते थे और पॉलिसी के नाम पर ठगी के लिए उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में रकम जमा कराते थे। बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी होने के कारण वे लोगों को आसानी से विश्वास में ले लेते थे। पुलिस के अनुसार, ठगी के दौरान आरोपी लैपटॉप से PicsArt एप के माध्यम से फर्जी रसीद और दस्तावेज तैयार करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनी के कर्मचारियों के फर्जी आईडी कार्ड बनाकर व्हाट्सऐप के जरिए पीड़ितों को भेजते थे, जिससे लोग उन पर भरोसा कर लेते थे।
फर्जी नाम से करते थे कॉल: पुलिस जांच में सामने आया कि आदित्य यादव बीमा एजेंट अनुराग तिवारी बनकर, पंकज शर्मा बीमा एजेंट वरुण मिश्रा बनकर और प्रमोद छेबड़े बीमा एजेंट राहुल राठौर बनकर लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के लिए बीमा कंपनी का डाटा और बैंक खाते उपलब्ध कराने में नितिन कसाना की भूमिका सामने आई है। नितिन पहले भी साइबर अपराध के मामले में मुंबई से जेल जा चुका है।
कई राज्यों में ठगी की घटनाओं का खुलासा: पुलिस को बरामद दस्तावेजों और साक्ष्यों से कई ठगी की घटनाओं की जानकारी मिली है। इनमें भोपाल निवासी अनिल जैन से 66 हजार रुपये, महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ निवासी जीवन पाटिल से 12.5 लाख रुपये, बेंगलुरु निवासी साइमन सी. थॉमस से 1.12 करोड़ रुपये, मुंबई निवासी शर्मिला लोबो से 2 लाख रुपये, महाराष्ट्र निवासी गणपत महादेव गवांडे से 6.7 लाख रुपये, समीर रविंद्र कुलसकर से 8 लाख रुपये तथा उत्तर प्रदेश निवासी पीड़ितों से 30-30 हजार रुपये की साइबर ठगी की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से कई लोगों के नाम पर बने दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इनके आधार पर अन्य घटनाओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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