हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के डीएम से तालाबों पर अतिक्रमण का पूरा ब्योरा मांगा

डीएम के हलफनामे पर उठे सवाल, दो सप्ताह में देना होगा विस्तृत जवाब

गाजियाबाद।
जिले के तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों पर अतिक्रमण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी (डीएम) से विस्तृत हलफनामा तलब करते हुए पूछा है कि जिले में कितने तालाब और प्राकृतिक जल निकाय अतिक्रमण की चपेट में हैं और कितने अब भी सुरक्षित बचे हुए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने राजेंद्र त्यागी की ओर से दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में जिले के तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की गई है। 
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को हलफनामा दाखिल कर जिले के तालाबों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में डीएम की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। हालांकि, याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में दिए गए आदेशों के बावजूद डीएम की ओर से तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों की स्थिति से संबंधित पूरा और स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है। याची की ओर से कोर्ट में कहा गया कि यह स्पष्ट रूप से बताया जाना आवश्यक है कि जिले में कितने तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों पर अतिक्रमण कर निर्माण किया जा चुका है और कितने तालाब अतिक्रमण से मुक्त हैं। इसके साथ ही प्रत्येक तालाब और जल निकाय की संख्या तथा उसके स्थान की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। 
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के डीएम को दो सप्ताह के भीतर बेहतर और विस्तृत अनुपूरक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसमें तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों की स्थिति का स्पष्ट एवं पूर्ण विवरण देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर 2 बजे होगी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जिले में तालाबों और प्राकृतिक जल निकायों पर हुए अतिक्रमण का वास्तविक आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने