तीन माह के अपहृत बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा, दो मोबाइल फोन बरामद
गाजियाबाद। थाना टीला मोड़ पुलिस ने नवजात एवं छोटे बच्चों का अपहरण कर उन्हें निःसंतान दंपतियों को मोटी रकम लेकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह में शामिल पांच पुरुषों और दो महिलाओं समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अपहृत तीन माह के बच्चे को भी सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया।
डीसीपी सिटी/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार, 11 अगस्त को फुरकान पुत्र सहुरुद्दीन निवासी करन गेट ने थाना टीला मोड़ में तहरीर देकर शिकायत की थी कि नौशाद और उसकी पत्नी रुकसार ने उसके तीन माह के बेटे का अपहरण कर लिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया।
डीसीपी सिटी/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार, 11 अगस्त को फुरकान पुत्र सहुरुद्दीन निवासी करन गेट ने थाना टीला मोड़ में तहरीर देकर शिकायत की थी कि नौशाद और उसकी पत्नी रुकसार ने उसके तीन माह के बेटे का अपहरण कर लिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से जुटाई जानकारी: पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मैनुअल इनपुट, सीसीटीवी फुटेज, सुरागरसी-पतारसी और सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 12 अगस्त को हिंडन नदी चौकी क्षेत्र, फर्रुखनगर से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसी दौरान पुलिस ने अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने ऐनुल, नौशाद, नागेंद्र उर्फ सुक्का, नसीम, आबिद, सुमित्रा और रुकसार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न स्थानों के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे योजनाबद्ध तरीके से नवजात और छोटे बच्चों वाले परिवारों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य महिलाओं के माध्यम से ऐसे परिवारों में घुल-मिलकर उनकी गतिविधियों और बच्चों से संबंधित जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद मौका देखकर बच्चों को अपने साथ ले जाते थे। पुलिस के अनुसार, बच्चों की तस्वीरें खींचकर उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से गिरोह के सदस्यों के बीच साझा किया जाता था। इसके बाद निःसंतान दंपतियों को बच्चे के संबंध में जानकारी देकर सौदा तय किया जाता था। बच्चे की बिक्री से मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
शामली ले जाते समय बरामद हुआ बच्चा: पूछताछ में सामने आया कि फुरकान के तीन माह के बच्चे को 9 अगस्त को उसके घर से उठाया गया था। पुलिस के अनुसार, बच्चे को शामली जनपद के कांधला निवासी मौसीना पत्नी नफीस को बेचने की बात चल रही थी। बच्चे को सितारा के माध्यम से कांधला, शामली ले जाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि गिरोह बच्चों की तस्करी के लिए अपने ठिकाने बदलता रहता था, ताकि उसकी पहचान और गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक न पहुंच सके। पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपी सितारा पत्नी सहलाद और मौसीना पत्नी नफीस अभी वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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