सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में शुभांशु ने कहा- 2047 तक विकसित भारत बनाने में भूमिका निभाएं युवा
गाजियाबाद। भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश की युवा शक्ति, नवाचार और नई सोच भारत के भविष्य को नई दिशा देंगे। युवाओं को केवल अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें भारत और दुनिया को बदलने की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं को अपनी जिम्मेदारी महसूस करनी होगी।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला शनिवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, गाजियाबाद में आयोजित छठे डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। व्याख्यान का विषय “द इंडियन सेंचुरी – यूथ, इनोवेशन एंड नेशन बिल्डिंग” रखा गया था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और जयपुरिया परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा, “जब आप कॉलेज जाएंगे, ग्रेजुएट होंगे और काम की दुनिया में कदम रखेंगे, तो आपकी सोच भारत को बदलने की होनी चाहिए। आपको दुनिया बदलने की इच्छा रखनी चाहिए। आपको 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में मदद करने की जिम्मेदारी महसूस करनी चाहिए।”
उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने तक की अपनी यात्रा भी विद्यार्थियों के साथ साझा की। इस दौरान उन्होंने Axiom 4 मिशन के लिए वर्षों तक चली तैयारी और प्रशिक्षण, अंतरिक्ष यात्रा के लिए आवश्यक अनुशासन, टीमवर्क और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अनुभव और उससे मिलने वाली अलग दृष्टि पर भी चर्चा की। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत कला प्रदर्शनी और रॉकेट मॉडल इंस्टॉलेशन के अवलोकन से हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब का दौरा किया। यहां विद्यार्थियों ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट और रचनात्मक कार्य उनके समक्ष प्रस्तुत किए। बाद में सभी अतिथि मुख्य कार्यक्रम के लिए ऑडिटोरियम पहुंचे, जहां दीप प्रज्ज्वलन के साथ औपचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी बनने की पूरी क्षमता रखती है। भारत की युवा आबादी केवल जनसांख्यिकीय लाभ नहीं, बल्कि मानवीय क्षमता का विशाल भंडार है। आईटी, वित्तीय, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वहीं अनुकूल नीतियों, बेहतर बुनियादी ढांचे, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के अवसरों के चलते विनिर्माण क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास व्यापकता, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा का दुर्लभ संयोजन मौजूद है। यही क्षमता आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगी।
डॉ. राजाराम जयपुरिया की स्मृति और उनकी विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित यह स्मृति व्याख्यान उनके शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण के क्षेत्र में योगदान को समर्पित था। कार्यक्रम में जयपुरिया ग्रुप के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया, वाइस-चेयरपर्सन सुनीता जयपुरिया, डायरेक्टर सकेत जयपुरिया, अनिका जयपुरिया और यश जयपुरिया सहित जयपुरिया नेतृत्व के सदस्य, विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
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