OTP लेकर क्रेडिट कार्ड से करता था Swiggy ऑर्डर, फर्जी डिलीवरी से खाते में मंगाता था पैसा
गाजियाबाद। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने Swiggy प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 30 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप बरामद किए हैं।एसीपी साइबर क्राइम अमित सक्सेना के अनुसार, इस मामले में विंधरा इमारत प्रबंधन टीम की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने Swiggy पर फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर कराकर दूसरे लोगों के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करवाया और फिर उन्हीं ऑर्डरों की फर्जी डिलीवरी दिखाकर रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली।
YouTube वीडियो देखकर आया ठगी का आइडिया: गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव पुत्र संजीव कुमार, उम्र करीब 21 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा, हाल निवासी वैशाली, गाजियाबाद के रूप में हुई है। एसीपी के मुताबिक आरोपी बी.कॉम तक पढ़ा है और पहले Tech Mahindra में कस्टमर केयर की नौकरी कर चुका है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि YouTube पर वीडियो देखने के बाद उसे इस तरह साइबर फ्रॉड करने का तरीका पता चला। इसके बाद उसने ‘श्याम की रसोई’, ‘राधा की रसोई’ और ‘खाना खजाना’ नाम से फर्जी रेस्टोरेंट तैयार किए और FSSAI पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल कर उन्हें Swiggy पर रजिस्टर कराया।
Telegram चैनल से हासिल करता था क्रेडिट कार्ड की जानकारी: आरोपी को Telegram पर संचालित FAST OTP BOT चैनल के बारे में जानकारी मिली थी। इसी माध्यम से उसने कथित तौर पर 52 क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल की। आरोपी इन कार्डधारकों के मोबाइल नंबर पर JIOJOIN ऐप के जरिए वाई-फाई कॉलिंग करता था और खुद को एक्सिस बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताता था। वह क्रेडिट कार्ड पर लगे सर्विस चार्ज अथवा लेट पेमेंट हटाने के लिए सर्विस रिक्वेस्ट के नाम पर पीड़ितों से Swiggy ऑर्डर के भुगतान की OTP हासिल कर लेता था। इसके बाद आरोपी अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर Swiggy पर ऑर्डर जनरेट करता और क्रेडिट कार्ड से उसका भुगतान करा लेता था। ऑर्डर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर Swiggy से सर्विस चार्ज काटने के बाद बची रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था। बाद में रकम ATM और चेक के जरिए निकाल ली जाती थी।
एक रेस्टोरेंट बंद होने पर दूसरे नाम से शुरू किया फ्रॉड: एसीपी के मुताबिक आरोपी ने सबसे पहले ‘श्याम की रसोई’ नाम से फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर किया था। शिकायत आने के बाद इसे बंद किए जाने पर उसने ‘राधा की रसोई’ नाम से दूसरा रेस्टोरेंट बनाया। इसके बाद यह रेस्टोरेंट भी बैन होने पर उसने ‘खाना खजाना’ नाम से नया फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 17 सितंबर 2026 को एम. श्रीनिवास के क्रेडिट कार्ड से 38 हजार रुपये का Swiggy ऑर्डर अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर जनरेट कर साइबर फ्रॉड किया था। शिकायत के मुताबिक, वैल्यूएशन और ट्रांजेक्शन की आंतरिक जांच में राधा की रसोई और श्याम रसोई से जुड़े कई ऐसे ऑर्डर सामने आए, जिनमें सामान्य पैटर्न से अलग असामान्य रूप से अधिक रकम के लेनदेन किए गए। राधा की रसोई से सितंबर 2025 से 26 मार्च 2026 के बीच करीब 19.38 लाख रुपये के 85 ऑर्डर बताए गए हैं। इनमें करीब 74 प्रतिशत ऑर्डर 10 हजार रुपये से अधिक के थे। 36 ऑर्डर 30 हजार और 17 ऑर्डर 20 हजार रुपये से अधिक के थे
Telegram चैनल से जुड़े आरोपियों पर भी कार्रवाई: एसीपी ने बताया कि आरोपी से मिले डिजिटल साक्ष्यों में FAST OTP BOT Telegram चैनल की चैट, क्रेडिट कार्ड की डिटेल वाली Google Sheet, फर्जी रेस्टोरेंट के FSSAI दस्तावेज और फ्रॉड में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों का विवरण शामिल है। इन साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, FAST OTP BOT चैनल के जरिए कथित तौर पर चोरी किया गया डेटा उपलब्ध कराने वाले लोगों को QR Code के माध्यम से भुगतान किया जाता था। इन QR Code और Telegram User ID के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
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