चंडीगढ़ कोर्ट में मदद और जजों को रिश्वत दिलाने के नाम पर 1.34 करोड़ की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

फेसबुक से संपर्क कर परिवार को मुकदमे में मदद का झांसा दिया; तांत्रिक विद्या, जेल और गिरफ्तारी का डर दिखाकर ऐंठी रकम 

गाजियाबाद।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले का खुलासा करते हुए गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी शीतल प्रसाद से पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में न्यायालय में मदद कराने और न्यायाधीशों को रिश्वत देने के नाम पर 1 करोड़ 34 लाख 33 हजार 616 रुपये की साइबर ठगी की गई। पुलिस ने मामले में ईशू पांडे उर्फ रिशू पांडे को वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, शीतल प्रसाद का पारिवारिक विवाद बहादुरगढ़, चंडीगढ़ के न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान आरोपियों ने फेसबुक के माध्यम से उनसे संपर्क किया और मोबाइल पर चैटिंग शुरू की। आरोपियों ने खुद को पटवारी और सरकारी कार्यालयों में अच्छी पकड़ रखने वाला व्यक्ति बताते हुए शीतल प्रसाद को भरोसा दिलाया कि वे उनके बेटे देवांशु के खिलाफ उनकी पुत्रवधू द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में न्यायालय से मदद करा सकते हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि न्यायाधीशों से उनके अच्छे संबंध हैं और वे न्यायालय में उनके पक्ष में मदद करा देंगे। इसके बाद न्यायालय में मदद कराने तथा न्यायाधीशों को रिश्वत देने के नाम पर शीतल प्रसाद से लगातार रकम ली गई। 
जून 2025 से अप्रैल 2026 तक खाते में ट्रांसफर कराई रकम: पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने जून 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 1.50 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। पुलिस के मुताबिक, मामले में कुल साइबर ठगी की रकम 1,34,33,616 रुपये दर्ज है। रकम ऐंठने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर शीतल प्रसाद को उनके बेटे के संबंध में तांत्रिक विद्या का डर दिखाया। इसके अलावा बहादुरगढ़ न्यायालय, चंडीगढ़ में चल रहे मामले में जेल भेजने और पुलिस से गिरफ्तार कराने का डर दिखाकर भी उन्हें धमकाया गया। 
कई बैंक खातों में मंगाई रकम: पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ईशू पांडे उर्फ रिशू पांडे ने अपने और अपनी मां के बैंक खातों के अलावा खुशबू मीणा, विजय, सोनी बेगम और शैली जैन के बैंक खातों में भी शीतल प्रसाद से रकम मंगाई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस रकम से कथित तौर पर TIKKO APP के माध्यम से क्वॉइन खरीदे और उसके बाद ऑनलाइन सट्टा/जुआ खेलने में पैसे का इस्तेमाल किया। 
महिला आरोपी की तलाश जारी: पुलिस के मुताबिक, इस साइबर फ्रॉड को अंजाम देने में खुशबू मीणा निवासी पटना, बिहार ने भी आरोपियों की मदद की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे चौबेपुर थाना क्षेत्र, जनपद वाराणसी से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान ईशू पांडे उर्फ रिशू पांडे (करीब 32 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय नारायण पांडे, निवासी ग्राम चारी, पोस्ट चिरईगांव, थाना कंधवा, जनपद चंदौली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह 10वीं पास बताया गया है।
मोबाइल फोन बरामद: पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा ठगी की रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। वहीं, पुलिस के अनुसार इस मामले में NCRP पोर्टल की SOP के तहत फ्रीज कराई गई धनराशि को पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई भी प्रचलित है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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