जानलेवा हमला, धमकी और वाहनों में तोड़फोड़ का लगाया आरोप; सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और सुरक्षा की मांग
गाजियाबाद। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीन भाजपा नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में भाजपा नेता अनिल कसाना, डॉ. विनोद सिंह बंसल और ईश्वर मावी शामिल हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि 5 सितंबर की शाम लोनी स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विधायक और उनके साथ आए लोगों ने उनके साथ अभद्रता, धमकी और कथित तौर पर हमला करने का प्रयास किया।
शिकायत में भाजपा नेताओं ने बताया कि वे लोनी में पिछले दिनों से चल रहे तनाव के बीच समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील को लेकर 5 सितंबर 2026 को शाम करीब 7:30 बजे होटल रेड फलेन, नंबर-2 लोनी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार तथा समाज के अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
10-15 लोगों के साथ पहुंचने का आरोप: शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रेस वार्ता के दौरान लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपने साथ करीब 10 से 15 लोगों को लेकर वहां पहुंचे। नेताओं के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद जब वे होटल से नीचे जाने लगे, तभी उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने तथा गोली चलाने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी गाड़ियों के दरवाजे खोलने का प्रयास किया तथा वाहनों में तोड़फोड़ करने की कोशिश की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और घटना से संबंधित कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहे हैं।
पुलिस की मौजूदगी में घटना होने का दावा: भाजपा नेताओं ने शिकायत में दावा किया कि घटना के दौरान लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दिए जाने के बावजूद उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।तीनों नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर और उनके साथ मौजूद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले की जांच कर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग: शिकायतकर्ताओं ने होटल प्रबंधन के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फुटेज घटना की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रभाव के चलते फुटेज से छेड़छाड़ हो सकती है, इसलिए उसे सुरक्षित रखने के लिए संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए जाएं। तीनों नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से स्वयं तथा अपने परिवारों की सुरक्षा की भी मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें विधायक और उनके साथियों से जान-माल का खतरा है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। विधायक नंदकिशोर गुर्जर का इस मामले में पक्ष सामने आने के बाद समाचार को और अपडेट किया जा सकता है।
Tags
गाजियाबाद