गाजियाबाद-मेरठ में विज्ञापन का नया ठिकाना बनेगा नमो भारत कॉरिडोर

साहिबाबाद-मोदीपुरम कॉरिडोर पर विज्ञापन की तैयारी, एनसीआरटीसी ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया

गाजियाबाद/मेरठ।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर अब सिर्फ तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का माध्यम ही नहीं, बल्कि कंपनियों और ब्रांड्स के लिए एक बड़े आउटडोर विज्ञापन प्लेटफॉर्म के रूप में भी विकसित होने जा रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने साहिबाबाद से मोदीपुरम के बीच नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स और पोर्टल स्ट्रक्चर पर विज्ञापन अधिकारों की लाइसेंसिंग के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। 
एनसीआरटीसी के अनुसार, प्रस्तावित विज्ञापन अवसर 50 किलोमीटर से अधिक लंबे उस खंड पर उपलब्ध होगा, जो गाजियाबाद और मेरठ के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और प्रमुख बाजारों से होकर गुजरता है। कॉरिडोर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के साथ-साथ प्रमुख हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव भी बना रहता है। ऐसे में पियर्स और पोर्टल स्ट्रक्चर पर लगाए जाने वाले विज्ञापनों को व्यापक दृश्यता मिलने की उम्मीद है।
रोजाना करीब 1.1 लाख यात्री कर रहे यात्रा: 
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1.1 लाख यात्री यात्रा कर रहे हैं। कॉरिडोर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक कम्यूटर जर्नी का आंकड़ा पार कर चुका है। लगातार बढ़ती यात्री संख्या इस बात का संकेत है कि नमो भारत क्षेत्र में तेजी से एक पसंदीदा सार्वजनिक परिवहन विकल्प के रूप में अपनी जगह बना रहा है। एनसीआरटीसी का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या, घनी आबादी वाले इलाकों से कॉरिडोर की मौजूदगी और इसके समानांतर चलने वाली प्रमुख सड़कों पर भारी यातायात विज्ञापनदाताओं के लिए इसे आकर्षक आउटडोर विज्ञापन माध्यम बनाते हैं।
सड़क के बीच स्थित पियर्स से मिलेगी बड़ी विजिबिलिटी: नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स कई स्थानों पर सड़कों के मीडियन में स्थित हैं। इसके चलते इन पर प्रदर्शित विज्ञापन सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों के अलावा आसपास के पैदल यात्रियों तथा स्थानीय लोगों की नजर में भी आ सकते हैं। यह व्यवस्था ब्रांड्स को लंबे समय तक लगातार दृश्यता उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है। खासतौर पर ऐसे व्यवसायों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिनका लक्ष्य गाजियाबाद, मेरठ और दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाना है।
स्कूल-कॉलेज से लेकर रियल एस्टेट और अस्पतालों तक को फायदा: 
साहिबाबाद से मोदीपुरम के बीच का कॉरिडोर कई औद्योगिक क्षेत्रों, शैक्षिक संस्थानों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों से होकर गुजरता है। ऐसे में पियर्स और पोर्टल पर विज्ञापन के लिए विकसित किए जाने वाले स्थान स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न ब्रांड्स के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इन विज्ञापन स्थानों का इस्तेमाल स्थानीय व्यवसायों, स्कूल-कॉलेजों, रियल एस्टेट कंपनियों, अस्पतालों, एफ एंड बी चेन, ऑटोमोबाइल कंपनियों, रिटेल ब्रांड्स और अन्य व्यावसायिक संस्थानों द्वारा ब्रांडिंग और प्रचार के लिए किया जा सकता है।
विज्ञापन इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी लाइसेंसधारी की: निविदा प्रक्रिया के तहत चयनित लाइसेंसधारी को निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं के अनुसार विज्ञापन संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर का डिजाइन, फैब्रिकेशन, इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव करना होगा। एनसीआरटीसी की इस पहल का उद्देश्य कॉरिडोर पर एक उच्च गुणवत्ता वाला आउटडोर एडवरटाइजिंग इकोसिस्टम विकसित करना है। इससे जहां कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र को अधिक आकर्षक और व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलेगी, वहीं एनसीआरटीसी के लिए गैर-किराया राजस्व के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
82 किलोमीटर लंबा है दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर: 
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है और यह दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक विस्तृत है। यह कॉरिडोर दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को तेज सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ता है। मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच नमो भारत के इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानीय मेरठ मेट्रो सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। यह देश में अपनी तरह का पहला उदाहरण है, जहां एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट और स्थानीय मेट्रो सेवाओं के लिए किया जा रहा है। कॉरिडोर को जहां संभव है, वहां सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों के साथ भी एकीकृत किया गया है। इससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे मल्टी-मोडल मोबिलिटी नेटवर्क में नमो भारत की भूमिका और मजबूत हुई है।
ई-टेंडरिंग के जरिए कर सकते हैं आवेदन: इस विज्ञापन अवसर में रुचि रखने वाले पात्र बोलीदाता ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से भाग ले सकते हैं। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता मानदंड, नियम एवं शर्तें और निर्धारित समय-सीमा एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट तथा केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (CPP) पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स और पोर्टल स्ट्रक्चर को विज्ञापन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की यह पहल क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी नया मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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