नामी कंपनियों और विदेशी ब्रांड के नाम पर तैयार करते थे नकली उत्पाद; करीब 50 लाख रुपये का माल, दवाएं और पैकिंग सामग्री बरामद
गाजियाबाद। शालीमार गार्डन थाना पुलिस और ट्रांस हिंडन जोन की स्वाट/सर्विलांस टीम ने नकली सप्लीमेंट और एलोपैथिक दवाएं तैयार कर बाजार में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और गोदाम से करीब 50 लाख रुपये कीमत का नकली सामान, दवाएं और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी दिलीप पांडेय और वीरभान उर्फ रवि, विजयनगर निवासी रोहित वक्षी उर्फ लड्डू, हन्नी कुलश्रेष्ठ और आर्यन के रूप में हुई है।पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली से दवाओं और सप्लीमेंट का कच्चा माल, खाली शीशियां, पैकिंग सामग्री और छपे हुए लेबल मंगाते थे। इसके बाद गोदाम में इनकी पैकिंग कर तैयार उत्पादों को बाजार में सप्लाई किया जाता था।डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग कंपनियों और विभिन्न देशों के नाम-पते वाले नकली लेबल तैयार कर उत्पादों पर लगाते थे। पुलिस के अनुसार, नामी कंपनियों के नाम और मोनोग्राम का इस्तेमाल कर इन उत्पादों को बाजार में महंगे दामों पर बेचा जाता था। इस तरह आरोपियों द्वारा नकली उत्पादों को असली ब्रांड का सामान बताकर ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा था। पुलिस अब बरामद सामग्री के स्रोत और इसकी बाजार में सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि विजयनगर स्थित गोदाम में तैयार माल की खरीद-बिक्री का काम ललित शर्मा करता था। हन्नी उसके काम में सहयोग करता था। वहीं रोहित ने ललित को अपना मामा बताते हुए कारोबार में साझेदारी की बात कही थी। आरोप है कि आर्यन गोदाम और दुकान के साथ-साथ हिसाब-किताब का काम संभालता था। पुलिस इन सभी की भूमिकाओं और आपसी लेन-देन की भी जांच कर रही है।
इंजेक्शन, कैप्सूल और सप्लीमेंट बरामद: पुलिस ने मौके से अलग-अलग नामों के डाइट सप्लीमेंट, गेनर, इंजेक्शन, पेप्टाइड्स, कैप्सूल और गोलियां बरामद की हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में खाली शीशियां, कार्टन, पैकिंग सामग्री और होलोग्राम भी मिले हैं। बरामद सामग्री में टेस्टोस्टेरोन, ट्रेंबोलोन, डेका और मास्टरॉन समेत कई तरह के इंजेक्शन बताए गए हैं। बरामद उत्पादों की वास्तविक संरचना, गुणवत्ता और वैधता की जांच संबंधित विभागों के माध्यम से कराई जा रही है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवाओं और सप्लीमेंट का कच्चा माल कहां से आता था, किन लोगों से पैकिंग सामग्री और लेबल तैयार कराए जाते थे और तैयार माल किन बाजारों में सप्लाई किया जाता था। जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और सामान की सप्लाई करने वालों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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