गाजियाबाद। कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर स्थित बालक राम कॉलोनी में शनिवार रात एक मकान में एलपीजी सिलेंडर में आग लगने से पिता-पुत्री झुलस गए। हादसे में उपचार के दौरान बच्ची आंचल की दुखद मौत हो गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और झुलसे पिता-पुत्री को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
इंदिरापुरम एसीपी सूर्यबली मौर्य के अनुसार, शनिवार 12 सितंबर 2026 को रात 8:29 बजे फायर स्टेशन वैशाली को सूचना मिली कि भोवापुर में एक मकान के अंदर एलपीजी सिलेंडर में आग लग गई है और कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही अग्निशमन टीम रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि बालक राम कॉलोनी, गली नंबर-3, भोवापुर (कौशांबी) में मकान मालिक नेत्रपाल सिंह के मकान में किराए पर रह रहे गुड्डू के घर में एलपीजी सिलेंडर में आग लगी थी।
संकरी गली बनी चुनौती: घटनास्थल की गली बेहद संकरी होने के कारण फायर टेंडर सीधे मकान तक नहीं पहुंच सका। स्थिति को देखते हुए अग्निशमन कर्मियों ने बिना समय गंवाए पैदल ही गली से मकान के अंदर प्रवेश किया। टीम ने बाल्टियों में पानी और प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाया।अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आग के आसपास के हिस्सों में फैलने से बचाया जा सका।
पिता-पुत्री झुलसे, बच्ची ने तोड़ा दम: एसीपी के मुताबिक हादसे में गुड्डू और उनकी पुत्री आंचल आग से झुलस गए। फायर स्टेशन वैशाली के प्रभारी मूलचंद सिंह ने दोनों को अपनी देखरेख में तत्काल उपचार के लिए कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में अस्पताल में बच्ची की स्थिति की जानकारी लेने और उसकी देखरेख के लिए अग्निशमन अधिकारी पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान आंचल की दुखद मृत्यु हो गई। बच्ची की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया।
अग्निकांड में एलपीजी सिलेंडर के आसपास रखा कुछ घरेलू सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को नियंत्रित कर लिया गया। हादसे के कारणों और आग लगने की परिस्थितियों के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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