गाजियाबाद में चकबंदी कार्यों में हीलाहवाली पर डीएम सख्त- पुराने वाद तीन माह में निपटाने को कहा

विरोध वाले गांवों में धारा-6 के प्रस्ताव भेजने और लंबित अभिलेख जल्द पूर्ण करने के निर्देश

गाजियाबाद।
विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में चकबंदी कार्यों की प्रगति, लंबित वादों, अभिलेखों को पूर्ण किए जाने तथा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चकबंदी से जुड़े पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए और सभी कार्य नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। 
विरोध वाले गांवों में धारा-6 के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश: जिलाधिकारी ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में चकबंदी कार्य को लेकर विरोध की स्थिति है, वहां नियमानुसार चकबंदी से बाहर किए जाने के लिए धारा-6 के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने सिरोरा, सलेमपुर और नेकपुर साबितनगर के अंतिम अभिलेखों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नियमानुसार धारा-27 की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने कहा कि तीन माह और उससे अधिक पुराने वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए। प्रत्येक मामले में संबंधित अधिकारी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चकबंदी से जुड़े मामलों में किसानों और अन्य संबंधित पक्षकारों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अभिलेख समय से पूर्ण करने के साथ-साथ लंबित वादों की नियमित निगरानी भी की जाए, ताकि चकबंदी की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न खिंचे। 
आईजीआरएस शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: 
बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक और संतोषजनक समाधान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। निस्तारण रिपोर्ट भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार की जाए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या खानापूर्ति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि चकबंदी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य पारदर्शी, समयबद्ध और नियमानुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए। 
उन्होंने कहा कि चकबंदी के मामलों में अनावश्यक देरी से किसानों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारियों को लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण सुनिश्चित करना होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, एडीएम न्याय, उप संचालक चकबंदी अंजली गंगवार, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, सहायक चकबंदी अधिकारी सहित चकबंदी विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने प्रतिदिन की तरह बुधवार को अपने कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान जनता की समस्याओं को सुना और निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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