वर्तमान उपलब्धियों से भविष्य की योजनाओं तक... 164 पेज में गाजियाबाद के विकास का दस्तावेज: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। शहर के विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक और नागरिक सुविधाओं को लेकर गाजियाबाद नगर निगम की ओर से किए गए कार्यों को अब ‘गाजियाबाद 360’ कॉफी टेबल बुक में एक साथ प्रस्तुत किया गया है। 164 पृष्ठों की इस पुस्तक में नगर निगम के 150 से अधिक पूर्ण, निर्माणाधीन और प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स को विस्तार से दर्शाया गया है। पुस्तक का अनावरण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा नगर निगम के अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम के जलकल, उद्यान, स्वास्थ्य, प्रकाश, कर एवं निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभाग शहर के विकास कार्यों को गति देने में जुटे हैं। नगर निगम के मुताबिक, विकास योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानी प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी: मुख्यमंत्री ने ‘गाजियाबाद 360’ का अवलोकन करते हुए नगर निगम की प्रमुख परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बायोडायवर्सिटी पार्क, बायो-सीएनजी प्लांट, सीएम ग्रिड फेज-2, उपवन योजना और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गई। नगर निगम की ओर से बताया गया कि ‘गाजियाबाद 360’ में केवल पूरे हो चुके कार्यों को ही शामिल नहीं किया गया है, बल्कि चल रही परियोजनाओं और भविष्य की प्रस्तावित योजनाओं को भी स्थान दिया गया है। इसका उद्देश्य शहर के विकास की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ भविष्य की दिशा को भी सामने रखना है।
स्मार्ट सिटी की दिशा में तकनीक पर जोर: महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगम ने शहरहित और पर्यावरणहित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (I-CCC), व्हीकल ट्रैकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (VTMS) और ई-ऑफिस जैसी व्यवस्थाओं को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम ग्रिड फेज-2 जैसी योजनाएं शहर के सड़क नेटवर्क को नया स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं मियावाकी पद्धति से किए जा रहे सघन पौधरोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने के प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नगर निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
164 पन्नों में विकास का पूरा खाका: ‘गाजियाबाद 360’ में नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों और योजनाओं को अलग-अलग श्रेणियों में प्रस्तुत किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से I-CCC और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, सीएम ग्रिड योजना के विभिन्न चरण, नगर निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालय, टाउन हॉल व ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, पूर्वांचल-उत्तरांचल भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, साईं उपवन, वर्टिकल पार्किंग, यूपी गेट विकास योजना, सीनियर सिटीजन केयर सेंटर, स्मार्ट क्लास और मल्टीलेवल कार पार्किंग को शामिल किया गया है।
कूड़ा प्रबंधन और बायो-सीएनजी पर विशेष फोकस: पुस्तक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी योजनाओं को भी प्रमुखता दी गई है। इसमें बायो-सीएनजी प्लांट, लेगेसी वेस्ट प्रबंधन, सीएंडडी वेस्ट प्लांट, ड्राई वेस्ट प्लांट, कम्युनिटी कंपोस्टिंग सेंटर, ग्लास अपसाइक्लिंग सेंटर, स्वच्छ मोहल्ला स्क्वाड और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट जैसी पहल शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, बायो-सीएनजी प्लांट शहर में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है।
जल संरक्षण से लेकर हरित क्षेत्र तक: पर्यावरण संरक्षण के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गंगा जल आपूर्ति, मियावाकी तकनीक से सघन वन, उपवन योजना और हिंडन नदी की सफाई जैसी योजनाओं को भी पुस्तक में जगह दी गई है। नगर निगम की ओर से बताया गया कि ‘जल भागीदारी’ के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना और पुरस्कार प्राप्त हुआ है। हिंडन नदी के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू और नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस पर काम को भी इसमें दर्शाया गया है।
सड़क, रोशनी और परिवहन व्यवस्था को भी दी गई जगह: शहर में परिवहन एवं विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ई-बस, ईवी चार्जिंग स्टेशन, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग और CCMS जैसी व्यवस्थाओं को भी पुस्तक में शामिल किया गया है। CCMS के माध्यम से स्ट्रीट लाइटों की निगरानी और संचालन को केंद्रीकृत करने की व्यवस्था की गई है।
भविष्य की योजनाओं का भी खाका: ‘गाजियाबाद 360’ में आगामी और निर्माणाधीन योजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इनमें अर्बन चैलेंज फंड के तहत गाजियाबाद इंटीग्रेटेड बिजनेस हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और को-वर्किंग स्पेस, मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, समृद्धि गलियारा, बस शेल्टर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेट क्रेमेटोरियम और एबीसी सेंटर जैसी योजनाएं शामिल हैं।
डिजिटल सेवाओं और नागरिक सहभागिता पर भी जोर: नगर निगम की डिजिटल पहल में 311 ऐप, MyGNN पोर्टल, VTMS और ITMS जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा ई-ऑफिस व्यवस्था के लिए 150 से अधिक डेस्कटॉप, कार्यकारिणी कक्ष का मेकओवर और शक्ति रसोई जैसी पहल भी पुस्तक में दर्ज हैं।नागरिक सहभागिता से जुड़े कांवड़ यात्रा प्रबंधन, प्लॉग रन और दिवाली प्रतियोगिता जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया गया है। नगर निगम के अनुसार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गाजियाबाद की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है और शहर 2024 में 18वें तथा 2025 में 12वें स्थान से आगे बढ़कर 9वें स्थान पर पहुंचा है।
शहर के भविष्य की प्लानिंग का दस्तावेज है ‘गाजियाबाद 360’: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि ‘गाजियाबाद 360’ केवल नगर निगम के पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स का संकलन नहीं है, बल्कि इसमें चल रही परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं को भी शामिल किया गया है। इससे शहर के विकास की दिशा तय करने, योजनाओं को गति देने और आगामी कार्यों की बेहतर प्लानिंग में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, पुलिस उपायुक्त जे. रविंदर गौड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल और मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ समेत विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नगर निगम की इस पहल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
नगर निगम का कहना है कि ‘गाजियाबाद 360’ शहर के मौजूदा विकास मॉडल, पर्यावरणीय पहलों, आधुनिक तकनीक और भविष्य की योजनाओं का एक समग्र दस्तावेज है, जिसके माध्यम से गाजियाबाद को अधिक स्वच्छ, हरित, स्मार्ट और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
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