दिल्ली में तीन अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी: 23 साइबर ठग गिरफ्तार; 27 लैपटॉप और 28 मोबाइल बरामद

पश्चिम दिल्ली के मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर में पुलिस की एक साथ छापेमारी से अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ 

नई दिल्ली।
पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस ने एक कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह दिल्ली के पॉश आवासीय इलाकों से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों के नागरिकों को निशाना बना रहा था। साइबर थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीमों ने 17 सितंबर को मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से आवासीय परिसरों में अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाए जाने की सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान तीनों स्थानों पर कॉल सेंटर सक्रिय मिले। यहां आरोपी इंटरनेट आधारित कॉलिंग एप्लीकेशन के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क कर रहे थे। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालकों, मैनेजरों, कथित ‘बैंकर्स’ और टेलीकॉलरों समेत कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 
फर्जी पॉप-अप से बनाते थे विदेशी नागरिकों को निशाना: 
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने आवासीय परिसरों को वर्क स्टेशन में बदल रखा था। गिरोह के सदस्य विदेशों में मौजूद लोगों के कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन पर फर्जी पॉप-अप और मैसेज भेजते थे। इनमें अनधिकृत खरीदारी, सब्सक्रिप्शन या डिवाइस की सुरक्षा से जुड़ी समस्या का डर दिखाया जाता था। इन पॉप-अप में दिए गए टोल-फ्री नंबर पर जब कोई विदेशी नागरिक कॉल करता था तो भारत में बैठे टेलीकॉलर कथित तौर पर एप्पल या माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी बनकर उससे बात करते थे। पीड़ित का विश्वास हासिल करने के बाद कॉल को गिरोह के वरिष्ठ सदस्यों या कथित ‘बैंकर्स’ को ट्रांसफर कर दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग समस्या के समाधान के नाम पर पीड़ितों से 149, 249 या 499 अमेरिकी डॉलर तक की रकम मांगते थे।
गिफ्ट कार्ड और ऑनलाइन भुगतान से वसूली: पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा पीड़ितों से भुगतान एप्पल गिफ्ट कार्ड या ‘जेल’ (Zelle) के माध्यम से कराया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांटकर अलग-अलग खातों और माध्यमों से भुनाया जाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग गेटवे को बाईपास करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और तकनीकी संसाधन भी बरामद किए। 
27 लैपटॉप, 28 मोबाइल समेत भारी मात्रा में सामान बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 11 वाई-फाई राउटर, 36 हेडफोन, 25 एडाप्टर, 79,200 रुपये नकद, थार और ग्रैंड विटारा समेत 2 लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। डिजिटल उपकरणों की प्रारंभिक जांच में Google Voice, X-Lite, iBeam, Microsoft और UltraViewer जैसे एप्लीकेशन पाए गए। इसके अलावा विदेशी कॉल हिस्ट्री, विदेशी फोन नंबरों की सूची, कथित पीड़ितों के भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट और WhatsApp Business अकाउंट भी मिले हैं।
बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच: 
डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। जांच का उद्देश्य गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, नेटवर्क और कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियों का पता लगाना है। पुलिस का कहना है कि बरामद डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और गतिविधियों के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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