नोटिस, जुर्माना और चेतावनी सब बेअसर, लोनी में आबादी के बीच अब भी जारी सूअर पालन

लोनी में पालिका की कार्रवाई पर सवाल: आबादी के बीच गंदगी और दुर्गंध का संकट

गाजियाबाद
। 
लोनी वार्ड नंबर-5 अम्बेडकर कॉलोनी में  शिव मंदिर के पास  सघन आबादी के बीच कथित तौर पर सूअर पालन का कार्य जारी रहने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका लोनी द्वारा करीब एक वर्ष पहले संबंधित व्यक्ति को सूअर पालन बंद करने का नोटिस जारी किए जाने के बावजूद मौके पर स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आबादी के बीच सूअर पालन होने से आसपास रहने वाले लोगों को गंदगी, दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों और स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका लोनी को 9 सितंबर 2026 को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल स्थलीय जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। 
एक साल पहले जारी हुआ था नोटिस: शिकायत में नगर पालिका लोनी के 6 सितंबर 2025 के नोटिस का हवाला दिया गया है। नोटिस में पूर्व में जारी पत्रांक संख्या 811/नपापालोनी/2025-26 दिनांक 24 जून 2025 और पत्रांक संख्या 967/नपापालोनी/2025-26 दिनांक 17 जुलाई 2025 का भी उल्लेख किया गया था। नगर पालिका के नोटिस के अनुसार संबंधित व्यक्ति को सघन आबादी क्षेत्र में सूअर पालन का कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में 10 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित करते हुए उसे तीन दिन के भीतर जमा करने तथा सूअर पालन बंद कर इसकी लिखित सूचना नगर पालिका कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई थी कि निर्देशों का अनुपालन नहीं होने पर नगर पालिका अधिनियम, 1916 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने समेत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
अब सवाल—नोटिस का हुआ क्या?: शिकायतकर्ता का कहना है कि 6 सितंबर 2025 को जारी नोटिस के बावजूद 9 सितंबर 2026 को भी मौके पर सूअर पालन से संबंधित व्यवस्था मौजूद होने और कार्य जारी रहने की स्थिति सामने आई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस का वास्तविक अनुपालन कराया गया या नहीं। यदि एक साल पहले सूअर पालन बंद कराने के निर्देश दिए गए थे, तो उसके बाद नगर पालिका की ओर से कितनी बार स्थलीय निरीक्षण किया गया और जुर्माने की राशि वसूल हुई या नहीं, यह भी जांच का विषय है। 
स्थलीय जांच और कार्रवाई की मांग: शिकायतकर्ता ने नगर पालिका से मौके का तत्काल निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या तैयार कराने की मांग की है। साथ ही पूर्व नोटिस में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जांच, सूअर पालन जारी मिलने पर उसे तत्काल बंद कराने और 10 हजार रुपये के जुर्माने की जमा अथवा वसूली की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। इसके अलावा मौके पर मौजूद गंदगी और अपशिष्ट की सफाई कराने तथा प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। 
कार्रवाई नहीं हुई तो उठेंगे बड़े सवाल: मामला केवल एक स्थान पर सूअर पालन तक सीमित नहीं है। यदि नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन सुनिश्चित नहीं कराया गया, तो इससे नगर पालिका की निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि शिकायत पर नगर पालिका लोनी कब स्थलीय निरीक्षण कराती है और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो पूर्व नोटिस के आधार पर क्या प्रभावी कार्रवाई की जाती है। शिकायतकर्ता ने पूरी कार्रवाई की लिखित सूचना उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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