ट्रेन दुर्घटना, भूकंप, सीआरबीएन और ध्वस्त इमारतों में रेस्क्यू का किया गया व्यावहारिक अभ्यास
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में संभावित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को प्रदेश के 33 जनपदों में राज्य स्तरीय संयुक्त मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की टीमों ने विभिन्न जनपदों में निर्धारित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप राहत एवं बचाव अभियानों का अभ्यास किया।एनडीआरएफ की टीमों ने गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, संभल, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हापुड़ समेत विभिन्न जनपदों में मॉक एक्सरसाइज में सक्रिय भागीदारी की। अभ्यास में ट्रेन दुर्घटना, भूकंप, सीआरबीएन (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु आपात स्थिति) तथा CSSR (Collapsed Structure Search and Rescue) जैसे चुनौतीपूर्ण आपदा परिदृश्यों को तैयार किया गया।
मॉक अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ जवानों ने घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने, मलबे में फंसे लोगों की तलाश करने, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आपदा की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रक्रिया को भी परखा गया।
कई विभागों ने लिया हिस्सा
राज्य स्तरीय अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, सिविल डिफेन्स और आपदा मित्र समेत विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। अभ्यास का उद्देश्य केवल बचाव दल की क्षमता परखना ही नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी रहा।
इस दौरान संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव क्षमता, चिकित्सा सहायता, संसाधनों की उपलब्धता तथा अंतर-विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास से सामने आई संभावित कमियों और चुनौतियों का आकलन कर भविष्य में राहत एवं बचाव अभियानों को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में सुधारात्मक कदमों पर जोर दिया गया।
इंदिरापुरम में कमांडेंट ने किया अभ्यास का निरीक्षण: इंदिरापुरम में आयोजित मॉक अभ्यास में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश कुमार ने स्वयं प्रतिभाग कर अभ्यास का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद टीमों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा से निपटने के लिए हर समय पूरी तत्परता और क्षमता के साथ तैयार रहती है। ऐसे संयुक्त मॉक अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में तैयारियों को व्यवहारिक रूप से परखने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वास्तविक आपदा की स्थिति के लिए तैयारी मजबूत
प्रदेश के 33 जनपदों में एक साथ आयोजित इस राज्य स्तरीय संयुक्त मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया क्षमता को व्यवहारिक रूप से परखा गया। अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर आपदा के समय त्वरित निर्णय, प्रभावी संचार, बेहतर तालमेल और सुरक्षित राहत-बचाव कार्रवाई की तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
वास्तविक आपदा की स्थिति के लिए तैयारी मजबूत
प्रदेश के 33 जनपदों में एक साथ आयोजित इस राज्य स्तरीय संयुक्त मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया क्षमता को व्यवहारिक रूप से परखा गया। अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर आपदा के समय त्वरित निर्णय, प्रभावी संचार, बेहतर तालमेल और सुरक्षित राहत-बचाव कार्रवाई की तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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