एक ही परिवार के 4 सदस्यों के शव गोवा से दिल्ली पहुंचे तो रो पड़ा पूरा मोहल्ला

गोवा अग्निकांड में दिल्ली के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत


 नई दिल्ली: गोवा के नाइटक्लब में हुआ अग्निकांड कई लोगों के लिए काल बन गया. हादसे में 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दिल्ली के एक ही परिवार के 4 लोग भी शामिल हैं. मिली जानकारी के अनुसार, इस परिवार की यह पहली गोवा ट्रिप थी, जो आखिरी ट्रिप बनकर रह गई. दिल्ली के चार लोग सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार की इस घटना में मौत हो गई, जिनकी पहचान उनकी रिश्तेदार भावना जोशी ने की. एयर इंडिया का विशेष विमान सभी शवों को लेकर दिल्ली लौटा. सोमवार को जब शव मोहल्ले में लाए गए तो ऐसा मातम छा गया, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया था. रोते-बिलखते परिजन एक के बाद एक आती चार अर्थियां हर आंख नम थी. कोई बोल नहीं पा रहा था. विलाप के लिए तो इस घर में कोई बचा ही नही था. गोवा की एक क्लब में हुए आग लगने के हादसे ने सभी को रोने पर मजबूर कर दिया.


दरअसल, जहां ये पांच लोग पार्टी कर रहे थे. वहां अचानक भीषण आग लग गई. एक पल में हंसी-खुशी चीख-पुकार में बदल गई. हर तरफ अफरा-तफरी मच गई, लोग अपनी जान बचाने को भागे, लेकिन घना धुआं सबको निगलता चला गया. परिवार का बेटा विनोद अपनी पत्नी को धक्का देकर किसी तरह बाहर निकल पाया. खुद जल रहा था झुलस रहा था, फिर भी उसे याद आया कि उसकी दो साली और एक भाभी अभी भी अंदर हैं. उसने एक पल नहीं सोचा और दोबारा आग के गोले में कूद पड़ा. बाहर खड़े लोग चिल्लाए, “विनोद रुक जा!” पर वो बस यही चीख़ता रहा –“मेरे लोग अंदर हैं… मैं उन्हें छोड़कर नहीं आ सकता!” लेकिन किस्मत ने उसकी हिम्मत को भी हरा दिया. अंदर का मंज़र इतना भयानक था कि हिम्मत भी डर जाए. दो बहनों ने धुएं से दम तोड़ दिया. बाकी दो आग की लपटों में बुरी तरह जल गईं. इलाज शुरू होने से पहले ही चारों की सांसें थम चुकी थीं.


मृतक की छोटी बहन मान्या ने बताया कि भाभी भावना जोशी ज़िंदा वापस आई हैं, लेकिन गहरे सदमे में है. उन्होंने बताया कि सभी परिवार रेस्टोरेंट में एन्जॉय कर रहे थे. तभी मेरे भाई को वहां आग लगने का आभास हुआ और शोर मचाया तो वहां भगदड़ मच गई. भाभी दूसरे दरवाज़े की ओर भागे और बाक़ी बहन स्टाफ को देख के दूसरी ओर भागे, लेकिन हादसे के शिकार हो गए. स्थानीय पार्षद नीता बिष्ट भी परिवार के साथ खड़ी थीं. उन्होंने बस इतना कहा कि एक आदमी की मौत से ही घर सूना पड़ जाता है सोचिए, एक साथ चार अर्थियां उठ रही हों ये दर्द क्या होगा. परिजनों की मौजूदगी में निगम बोध घाट पर चारों का अंतिम संस्कार एक-एक कर विधिविधान से किया गया. परिजन और मोहल्ले के लोग रो रहे थे. पर उस दर्द को कौन रोक सकता था. जिसने एक झटके में पूरी दुनिया छीन ली. इस दुखद घटना ने पूरे सादतपुर क्षेत्र को शोक और सदमे में डाल दिया है. आस पड़ोस और विनोद जोशी के दोस्त नौकरी से छुट्टी लेकर उनकी अंतिम विदाई में शामिल हुए थे.

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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