दिल्ली: फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर लेते थे लोन, 3 गिरफ्तार

बैंकों को चूना लगाने वाले आरोपियों से फर्जी दस्तावेज मिले


नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस ने एक बैंक लोन के धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब छह साल पुराना है, जिसमें आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से लाखों रुपये का लोन हड़पते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल अग्रवाल उर्फ मनीष कुमार, अजय चौरसिया और दीपक धौंडियाल के रूप में की है। आरोपियों ने खुद को भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय जो बहादुर शाह जफर मार्ग में स्थित है, वहां का वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी बताकर सरकारी आईडी कार्ड और नकली आय प्रमाण पत्र तैयार किए थे।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह मामला बजाज फाइनेंस की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से सामने आया है। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर सैलरी बेस्ड पर्सनल लोन लिया था और कुछ समय तक ईएमआई जमा करने के बाद भुगतान देना बंद कर दिया।  जिसके बाद जांच की गई और खुलासा हुआ कि आरोपी कभी भी बताए गए सरकारी कार्यालयों में कार्यरत थे ही नहीं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में स्पेशल टीम से तकनीकी निगरानी रखने को कहा और लगातार छापेमारी के बाद आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताय की आरोपियों के दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापा मारा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर उनसे बैंक का खाते खुलवाते थे और कुछ महीनों तक फर्जी कंपनी से सैलरी दिखाकर लोन हासिल करते थे। लोन मिलने के बाद रकम आपस में बांट ली जाती थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने