श्याम पार्क मेन आरडब्ल्यूए ने स्वामी विवेकानंद जयंती पर ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाया, जरूरतमंदों को कंबल दिए

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सत्यपाल सिंह चौहान ने कहा-युवाओं की प्रेरणा के केंद्र बिंदु रहे स्वामी विवेकानंद 

साहिबाबाद। श्याम पार्क मेन की आरडब्ल्यूए ने स्वामी विवेकानंद जयंती को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर कॉलोनी के सैकड़ों आवासीजन आरडब्ल्यूए के कार्यालय पर एकत्र हुए और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सत्यपाल सिंह चौहान ने कहा कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकता के एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेंद्र दत्त था। बचपन से ही ईश्वर को जानने की जिज्ञासा उन्हें अध्यात्म की ओर खींच ले गई और रामकृष्ण परमहंस के परमशिष्य बनने के बाद वे काली के माँ उपासक बन गए और आजीवन शादी भी नहीं की। 

उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद को भारतीय इतिहास में एक ऐसे चमत्कारी आध्यात्मिक प्रचारक और गुरु के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने वेद और पुराणों की आध्यात्मिकता को वैश्विक स्तर पर ख्याति और मान्यता दिलवाने में अग्रणी भूमिका निभाई और सफलता प्राप्त की। शिकागो की विश्व धर्म संसद उनके जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस धर्म संसद में दुनिया के सभी धर्मों के अनुयायी और धर्मगुरु को शामिल होना था। स्वामी विवेकानंद वर्ष 1893 की इस धर्म संसद में हिन्दू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए और अपने तार्किक व प्रभावशाली सम्बोधन से धर्म संसद में शामिल विश्व भर के धर्मगुरुओं के बीच चर्चा का विषय बन गए। विश्व धर्म संसद में  स्वामी विवेकानंद को ‘सबसे महान हस्ती की उपाधि’ कहकर सम्मानित किया गया था। इस धर्म संसद में उन्होंने खुली चुनौती देते हुए विश्व के सभी धर्म गुरुओं के बीच कहा कि – कोई अपने धर्म के एकमात्र अस्तित्व और अन्य धर्मों के विनाश का सपना देखता है, तो मुझे उस पर गहरी दया आती है, और मैं उसे यह बताना चाहता हूँ कि प्रतिरोध के बावजूद, हर धर्म के झंडे पर जल्द ही ये लिखा होगा: "सहायता करो, लड़ाई नहीं," "आत्मसात करो, विनाश नहीं," "सद्भाव और शांति, फूट नहीं।"

श्री चौहान ने आगे बताया कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में वे देश के युवाओं के बीच आकर्षण और प्रेरणा का मुख्य केंद्र बिन्दु रहे। स्वामी विवेकानंद के नारे ने देश के नौजवानों को ‘जागो, उठो और आगे बढ़ो’ की प्रेरणा स्वरूप ‘उत्तिष्ठ: भारत:’ नारा लगाया और देश को अंग्रेजी गुलामी से आजादी की अलख युवाओं के बीच जलाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के दिन को प्रत्येक वर्ष ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है। कन्याकुमारी में उनका स्मारक आज भी उनकी महानता का प्रतीक है.  

स्वामी विवेकानंद जयंती के आयोजन के अंत में आरडब्ल्यूए पदाधिकारी व सदस्यों ने अपने हाथों से क्षेत्र के लगभग 30 जरूरतमंद परिवारों को कंबल वितरित किए। उल्लेखनीय है कि गत वर्षों से ठंड का कंपन बढ़ते ही श्याम पार्क मेन आरडब्ल्यूए सामूहिक सहयोग से संसाधन जुटाकर कंबल वितरण का आयोजन करती रहती है। संस्था के अध्यक्ष श्री चौहान ने बताया कि इस आयोजन में कोई पात्र कंबल पाने से वंचित रह गया हो तो संस्था के कार्यालय में अपना नाम व पता नोट करवा सकता है ताकि अगले आयोजन में ऐसे पात्रों को प्राथमिकता दी जा सके। 

राष्ट्रीय युवा दिवस के इस आयोजन में श्याम पार्क मेन आरडब्ल्यूए के कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, महासचिव संजीव गौड़, सचिव राजेश सिंह, एडवोकेट दीपक सिन्हा, सुनील रस्तोगी भाजपा अर्थला मण्डल की उपाध्यक्षा भावना शर्मा, भाजपा की पूर्व अध्यक्ष जया गुप्ता, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर योग-विज्ञान में कई प्रतियोगिताओं की विजेता और गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने हेतु अग्रणी भूमिका के लिए ख्याति प्राप्त समाजसेविक नीतू चौधरी, सिमरन बर्तवाल, नेहा सिंह, मीनाक्षी भण्डारी के अलावा कॉलोनी के आवासीजन शामिल रहे।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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