गाजियाबाद: जीडीए के ताले ने बढ़ाई तुलसी निकेतन वालों में टेंशन

कालोनी के री-डवलपमेंट की तैयारी में जुटा जीडीए बन्द फ्लैटों में जड़ रहा ताले
नोटरी और पावर अटार्नी के कागज से मालिक बने फ्लैटवालों की बढ़ी बेचैनी, फ्लैट मिलने को लेकर आशंकित


गाजियाबाद।
ट्रांस हिंडन एरिया की तुलसी निकेतन कॉलोनी में री-डवलपमेंट के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की तरफ से हुए सर्वे में सैकड़ों ऐसे फ्लैटों को चिह्नित किया गया है जिनमें लंबे समय से ताला लगा हुआ है और आसपास के लोगों से भी पूछने पर मालिक का पता नहीं चल रहा है। जीडीए ने ऐसे फ्लैटों पर अपने ताले लगाना शुरू कर दिए हैं। बीते दिसम्बर महीने तक जीडीए ने 150 से अधिक फ्लैटों पर अपने ताले लगाए थे, अब भी बंद फ्लैटों पर ताले लगाने के साथ ही नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ फ्लैटों पर ताला लगने को लेकर लोगों में नाराजगी और कई तरह की आशंकाएं बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) दिल्ली सीमा से सटे तुलसी निकेतन के जर्जर  फ्लैटों को तोड़कर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने की योजना ला रहा है।इसके लिए सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में सामने आया कि बहुत से फ्लैटों में लोग अवैध रूप से रह रहे हैं तो वहीं सैकड़ों फ्लैट काफी समय से बन्द भी मिले हैं। बंद फ्लैटों पर जीडीए ने अपने ताले लगाने शुरू किए हैं और फ्लैट के स्वामित्व से सम्बंधित नोटिस भी चस्पाए जा रहे हैं जिसमें लिखा है कि किसी का अपना फ्लैट है तो वह अपने दस्तावेज लेकर जीडीए कार्यालय जाकर फ्लैट की चाबी ले सकता है। वहीं जिन लोगों का फ्लैट हैं उनको फ्लैट देने की बात की जा रही है मगर लोगों में इस बात का डर है कि 70 प्रतिशत लोगों ने इन प्लेटों को खरीदा और उसकी केवल नोटरी कराई हुई है। लोग इसलिए भी भयभीत है कि कहीं बाद में जीडीए उन्हें फ्लैट ना दे क्योंकि बेचने वाले तो फ्लैट बेचकर अपने पैसे लेकर जा चुके हैं मगर नोटरी या पावर अटार्नी वालों को फ्लैट मिलेगा या नहीं। जीडीए के अधिकारी भी इस बारे में कुछ भी क्लियर बताने को तैयार नहीं हैं। 
बता दें कि बीते महीने ही इस संबंध में कॉलोनी में आरडब्ल्यूए ने बैठक बुलाकर लोगों से चर्चा भी की थी। तब कहा गया था कि जीडीए अफसरों ने लोगों से फ्लैटों के री-डबलपमेंट को लेकर किसी प्रकार की वार्ता नहीं की है। हमें जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। स्थानीय निवासी राजेश चढ्ढा का कहना था कि मेरे चार बेटे हैं। चारों के नाम पर एक-एक फ्लैट लिया था। एक में परिवार सहित रहते हैं। वहीं अन्य फ्लैट खाली हैं। जब कभी जरूरत होती है, तो उन्हें इस्तेमाल किया जाता है नहीं तो खाली पड़े रहते हैं। विभाग ऐसे ही खाली फ्लैटों पर ताला लगा रहा है। उधर, जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि विभाग अपने ताले उन फ्लैटों पर लगा रहा है, जो लंबे समय से खाली हैं और आसपास से पता करने पर मालिक का पता नहीं चल रहा है। इसके बाद आवंटी का पता करके उन्हें सूचना दी जाएगी। 

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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