गाजियाबाद। जिस तरह रक्षाबंधन पर्व पर सरकार महिलाओं के लिए अतिरिक्त बस एवं फ्री सफर की सुविधा देती है उसी तरह बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों के लिए भी यातायात की अतिरिक्त व्यवस्था कराई जाए। यह मांग उठाई है जिले के युवा समाजसेवी असलम चौधरी ने। उन्होंने यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ महाराज की है। असलम चौधरी का कहना है कि यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के एग्जाम नजदीक हैं, ऐसे में सभी बच्चों का परीक्षा सेंटर उनके स्कूल से बाहर रखा गया है। 10वीं और 12वीं के जो स्टूडेंट 18 साल से भी कम उम्र के हैं, उन्हें परिवारजन वाहन नहीं दे सकते क्योंकि नाबालिग का वाहन चलाना कानूनी अपराध है। सबके पास गाड़ी भी नहीं हैं। टाइम पर बस नहीं मिलती, यदि मिलती भी है तो वह पहले से ही सवारी से भरी हुई आती है। जबकि आॅटोवाले फुल साउंड में गाने बजाते हैं और ओवरटेक करके चलते हैं इसलिए उनमें स्टूडेंट चलना पसंद नहीं करते। असलम चौधरी ने इन परेशानियों का जिक्र करने के साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि जैसे रक्षाबंधन पर अतिरिक्त बसें लगा दी जाती हैं उसी तरह एक्स्ट्रा बस लगाकर सभी स्टूडेंट को उनके एग्जाम सेंटर तक छुड़वाने की सुविधा प्रदान करें। अगर एक भी किसी बच्चे का एग्जाम छूट गया तो उसकी पूरी साल बेकार चली जाएगी। यूपी बोर्ड का तो लड़कियों के लिए सेल्फ सेंटर है लेकिन सीबीएससी ने बाहर सेंटर भेजे हैं। लड़कियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आएगी। इसलिए परीक्षा देने वाले बच्चों के लिए अतिरिक्त बस की व्यवस्था कराई जाए।
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