एक सब-मशीन गन समेत 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार और 200 जिंदा कारतूस बरामद
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पदार्फाश करते हुए 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क के जरिए अवैध हथियार भारत में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक सब-मशीन गन समेत 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार और 200 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के अनुसार यह गिरोह पुरानी दिल्ली के वॉल्ड सिटी इलाके, खासकर जामा मस्जिद क्षेत्र से संचालित हो रहा था। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर आरोपी हथियारों की तस्करी और सप्लाई का काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और वीओआईपी कॉल का इस्तेमाल करते थे और बार-बार सिम कार्ड एवं मोबाइल बदलते थे। भुगतान हवाला के जरिए किया जाता था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इंस्पेक्टर मान सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से इस पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया। 13-14 मार्च को दरियागंज के बृजमोहन चौक के पास जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर बाकी आरोपियों को भी दबोच लिया गया। पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल भारत से फरार होकर बांग्लादेश में छिपा हुआ है। वह पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है और पंजाबी गायक सिद्धू मुसेवाला की हत्या से जुड़े नेटवर्क में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के अनुसार यह गिरोह पुरानी दिल्ली के वॉल्ड सिटी इलाके, खासकर जामा मस्जिद क्षेत्र से संचालित हो रहा था। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर आरोपी हथियारों की तस्करी और सप्लाई का काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और वीओआईपी कॉल का इस्तेमाल करते थे और बार-बार सिम कार्ड एवं मोबाइल बदलते थे। भुगतान हवाला के जरिए किया जाता था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इंस्पेक्टर मान सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से इस पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया। 13-14 मार्च को दरियागंज के बृजमोहन चौक के पास जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर बाकी आरोपियों को भी दबोच लिया गया। पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल भारत से फरार होकर बांग्लादेश में छिपा हुआ है। वह पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है और पंजाबी गायक सिद्धू मुसेवाला की हत्या से जुड़े नेटवर्क में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
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