फ्री सिलेंडर के पैसे और लाडली योजना की राशि महिलाओं के खाते में ट्रांसफर, पिंक कार्ड और 'दिल्ली लखपति बिटिया' योजना शुरू
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के विकास की दिशा में सोमवार का दिन नारी शक्ति के सशक्तिकरण के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ह्यसशक्त नारी, समृद्ध दिल्लीह्ण भव्य कार्यक्रम में दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों, दिल्ली लखपति बिटिया योजना, होली एवं दिवाली पर नि:शुल्क गैस सिलेंडर योजना और सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड का औपचारिक शुभारंभ किया। साथ ही, लाडली योजना के अंतर्गत 40,642 बालिका लाभार्थियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि भी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। इस अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित हजारों की संख्या में लाभार्थी महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित थीं।दिल्ली की महिलाओं के लिए जो 4 विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं उनमें पहली पिंक कार्ड की शुरूआत है। राष्ट्रपति ने राजधानी की महिलाओं के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) यानी 'पिंक कार्ड' की भी शुरूआत की। यह पिंक कार्ड दिल्ली की पात्र महिला निवासियों को डीटीसी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देगा, जबकि मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में इसी एक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क यात्रा की जा सकेगी। योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी होंगे। पिंक कार्ड महिलाओं के लिए, ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास धारकों के लिए। पहले चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे। पिंक कार्ड लाभार्थी के आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा, जिससे आयु, लिंग और दिल्ली निवास की पुष्टि कर पात्रता सुनिश्चित की जा सके और डुप्लिकेशन रोका जा सके।
दूसरी योजना 'दिल्ली लखपति बिटिया' है जिसका शुभारंभ राष्ट्रपति ने किया। यह योजना पहले की लाडली योजना की जगह लाई गई है, लेकिन इसे ज्यादा आधुनिक, डिजिटल और प्रोत्साहन आधारित रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत हर पात्र बालिका के नाम अलग-अलग चरणों में कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे। यदि बालिका स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा जैसी निर्धारित शर्तें पूरी करती है तो 21 वर्ष की आयु तक यह राशि ब्याज सहित बढ़कर एक लाख रुपये से अधिक हो जाएगी। योजना को पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस व्यवस्था के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए एंड-टू-एंड ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तीसरे तोहफे के रूप में दिल्ली लाडली योजना के तहत 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। दिल्ली सरकार ने यह राशि 'मेरी पूंजी मेरा अधिकार' के तहत प्रदान की।
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