25 सोसाइटियों को नोटिस अभी और सूची की जा रही तैयार: डिप्टी रजिस्ट्रार
गाजियाबाद/नोएडा। एनसीआर की हाउसिंग सोसाइटियों में लंबे समय से बिना चुनाव के चल रही रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (AOA) पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोसाइटियों में समय पर चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसी क्रम में प्रताप विहार सेक्टर-11 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा भी एक शिकायती पत्र डिप्टी रजिस्ट्रार को दिया जिसमें जिक्र किया गया कि विहार रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा सभी नियम कानून को ताक पर रखते हुए संगठन का संचालन किया जा रहा है यानी यहां पर पिछले 18 साल से कोई चुनाव नहीं किया गया और ना ही किसी तरह का ऑडिट किया गया। इसी तरह की मिलती-जुलती करीब 25 और सोसाइटियों की भी शिकायत प्राप्त हुई जिसके बाद तत्काल प्रभाव से डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 25 सोसाइटियों को नोटिस जारी किया है। डिप्टी रजिस्ट्रार का कहना है कि सोसाइटियों के संचालन में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग कानून के विपरीत समिति का संचालन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, एनसीआर की कई हाउसिंग सोसाइटियों में वर्षों से चुनाव नहीं हुए हैं और पदाधिकारी निर्धारित कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी पदों पर बने हुए हैं। निवासियों की शिकायतों के बाद फर्म, सोसाइटी एवं चिट्स विभाग (डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय) ने ऐसे मामलों में हस्तक्षेप शुरू किया है। पिछले कुछ महीनों में नोएडा की करीब 30 और गाजियाबाद की लगभग 20 सोसाइटियों में प्रशासन की निगरानी में चुनाव कराए जा चुके हैं। अब अन्य सोसाइटियों में भी चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की तैयारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अनुसार किसी भी सोसाइटी या आरडब्ल्यूए की गवर्निंग बॉडी का कार्यकाल सामान्यतः दो वर्ष का होता है। इसके बाद पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए चुनाव कराना अनिवार्य है और नई कार्यकारिणी की जानकारी डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करानी होती है।
कई सोसाइटियों में वर्षों से नहीं हुए चुनाव: डिप्टी रजिस्ट्रार के अनुसार कुछ सोसाइटियों में पांच से सात वर्षों से चुनाव नहीं कराए गए हैं। वहीं नोएडा के कुछ सेक्टरों में चुनाव 10 से 15 वर्षों तक लंबित रहने की शिकायतें भी सामने आई हैं। निवासियों का कहना है कि चुनाव में देरी के कारण सोसाइटी प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और रखरखाव से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।
प्रशासन की निगरानी में ही होंगे चुनाव: डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार का कहना है कि लंबित सोसाइटियों की सूची तैयार की जा रही है। खामी पाये जाने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया जायेगा और सूची अंतिम होने के बाद उन सोसाइटियों में प्रशासन की देखरेख में चुनाव कराए जाएंगे, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और निवासियों को जवाबदेह प्रबंधन मिल सके। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सोसाइटियों में लंबे समय से चले आ रहे विवाद कम होंगे और आवासीय परिसरों के प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ेगी।
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