व्हाट्सएप ग्रुपों से लेते थे ऑर्डर, पोर्टर से पहुंचाते थे नशा, गाजियाबाद पुलिस के ऑपरेशन प्रहार में फंसा गैंग
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की स्वाट टीम, अपराध शाखा एवं थाना मधुबन बापूधाम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मादक पदार्थों की ऑनलाइन तस्करी और बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 किलो 435 ग्राम विभिन्न प्रकार का इम्पोर्टेड गांजा, 60 ग्राम चरस, 6 ग्राम स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त एक टाटा टियागो कार, एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की है।
पुलिस आयुक्त गाजियाबाद द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ अभियान के तहत अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) के नेतृत्व में 29 मई 2026 को यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बुनकर मार्ट क्षेत्र, थाना मधुबन बापूधाम से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार नशे के सौदागरों में अभिषेक (29 वर्ष), निवासी महेन्द्रा एन्क्लेव, शास्त्रीनगर गाजियाबाद, सूरज (23 वर्ष) निवासी महेन्द्र एन्क्लेव शास्त्रीनगर गाजियाबाद, दीपक (28 वर्ष) निवासी लालकुआं बिसरख गौतमबुद्धनगर और शिवम मिश्रा (29 वर्ष) निवासी सेक्टर-23 संजयनगर गाजियाबाद शामिल हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर लेकर करते थे सप्लाई: पूछताछ में मुख्य आरोपी अभिषेक ने बताया कि वह बिहार निवासी विवेक नामक व्यक्ति से ऑनलाइन भुगतान कर फर्जी पतों पर कोरियर के माध्यम से मादक पदार्थ मंगवाता था। इसके बाद अपने साथियों शिवम, दीपक और सूरज के साथ मिलकर ग्राहकों से ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करता था। गिरोह यूपीआई के माध्यम से भुगतान लेने के बाद पोर्टर प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों तक मादक पदार्थों की डिलीवरी करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी पहचान छिपाने के लिए गांजा, चरस और स्मैक को अमेजन की पॉलीथीन में पैक करते थे तथा डिलीवरी के दौरान पिकअप स्थान भी लगातार बदलते रहते थे।
स्कूल-कॉलेजों के छात्रों को बना रहे थे निशाना: जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों के व्हाट्सएप ग्रुपों में जुड़कर मादक पदार्थों का प्रचार-प्रसार करते थे और छात्रों तक ऑनलाइन सप्लाई पहुंचाते थे। पुलिस का मानना है कि गिरोह की गिरफ्तारी से शैक्षणिक संस्थानों में नशे की आपूर्ति पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
लाखों रुपये का था कारोबार: आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अलग-अलग प्रकार के गांजा, चरस और स्मैक की बिक्री कर मोटा मुनाफा कमाते थे और कमाई को आपस में बराबर बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय एवं स्थानीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और ऑनलाइन नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही बिहार से मादक पदार्थ भेजने वाले कथित सप्लायर की तलाश भी की जा रही है।
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