लिंक रोड थाना पुलिस की गिरफ्त में आए चार आरोपी, कार व शस्त्र बरामद
गाजियाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र में एक बिल्डर के अपहरण की साजिश रचकर पांच करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की योजना बना रहे चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार, एक रस्सी, दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार, वसुंधरा निवासी बिल्डर राजेश पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जून को झंडापुर के पास कुछ लोगों ने हथियार दिखाकर उनका अपहरण करने का प्रयास किया। हालांकि उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खुद को बचा लिया और मौके से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद लिंक रोड थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर सत्यम सिंह, गौतम मिर्धा, नितिन तिवारी और रोहित उर्फ हिटलर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजेश पांडेय को लंबे समय से जानते थे और उन्हें एक बड़े बिल्डर के रूप में पहचानते थे। इसी कारण उन्होंने उनका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कई दिनों तक राजेश पांडेय के घर, कार्यालय और उनके आने-जाने के रास्तों की रेकी की थी। 16 जून को उन्होंने सुनसान स्थान पर उनकी गाड़ी रुकवाकर जबरन अपनी कार में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर-शराबा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार, वसुंधरा निवासी बिल्डर राजेश पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जून को झंडापुर के पास कुछ लोगों ने हथियार दिखाकर उनका अपहरण करने का प्रयास किया। हालांकि उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खुद को बचा लिया और मौके से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद लिंक रोड थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर सत्यम सिंह, गौतम मिर्धा, नितिन तिवारी और रोहित उर्फ हिटलर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजेश पांडेय को लंबे समय से जानते थे और उन्हें एक बड़े बिल्डर के रूप में पहचानते थे। इसी कारण उन्होंने उनका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कई दिनों तक राजेश पांडेय के घर, कार्यालय और उनके आने-जाने के रास्तों की रेकी की थी। 16 जून को उन्होंने सुनसान स्थान पर उनकी गाड़ी रुकवाकर जबरन अपनी कार में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर-शराबा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की योजना तमंचे के बल पर पीड़ित को डराकर करीब पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की थी।डीसीपी ट्रांस हिंडन ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अवैध हथियार सोशल मीडिया के माध्यम से खरीदे थे। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
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