पाकिस्तान में बैठे शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के इशारों पर चल रहा था मॉड्यूल, हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के भी मिले सुराग
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कथित समर्थन से संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी-आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के निर्देश पर संचालित किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक फैला हुआ था।
स्पेशल सेल के डीसीपी नारा चैतन्य ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनस उर्फ अनस त्यागी, मोहित उर्फ योगी, दीपक उर्फ दीपक अगरोला, आरिफ उर्फ प्रधान, करणवीर सिंह, जतन और साबिर के रूप में हुई है। इनमें से कई आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में पहले भी शामिल रहे हैं। जांच में यह भी पता चला है कि कुछ आरोपी नवंबर 2025 से लगातार शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के सीधे संपर्क में थे।
हथियार, कारतूस और डिजिटल साक्ष्य बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर से जुड़े चैट, वॉयस नोट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा कई बैंक खातों का भी पता चला है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन के लेनदेन में किया जा रहा था।
सोशल मीडिया के जरिए की जा रही थी भर्ती: स्पेशल सेल को मई 2026 में सूचना मिली थी कि शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने लोनी निवासी मोहित को यमुना विहार स्थित भागीरथ जल शोधन संयंत्र के निकट गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अवैध पिस्टल, चार कारतूस और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़ी चैट वाला मोबाइल फोन बरामद किया गया।
संवेदनशील स्थानों की कराई गई रेकी: पूछताछ और आगे की जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुंचाए गए हथियार और मादक पदार्थ दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाए जा रहे थे। आरोपी डेड-ड्रॉप सिस्टम के जरिए खेप प्राप्त कर आगे सप्लाई करते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ आरोपियों को दिल्ली, लोनी और हरियाणा के संवेदनशील स्थानों तथा एक प्रसिद्ध भोजनालय की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था। रेकी के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में संभावित आतंकी घटनाओं को टाल दिया गया।
लालच देकर युवाओं को जोड़ा जाता था नेटवर्क से: जांच में सामने आया है कि शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी सोशल मीडिया तथा एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं की भर्ती करते थे। उन्हें मोटी कमाई और आपराधिक जीवनशैली का लालच देकर नेटवर्क में शामिल किया जाता था। इसके बाद उन्हें हथियारों की खरीद-फरोख्त, मादक पदार्थों की तस्करी, रेकी और अन्य गतिविधियों में लगाया जाता था। नेटवर्क के संचालन के लिए हवाला चैनलों, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, अस्थायी मोबाइल नंबरों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
जेल में बंद गैंगस्टर की भूमिका भी सामने आई: जांच में यह भी पता चला कि आरोपी आरिफ ने अजमल गुज्जर से एक जिगाना पिस्टल एक लाख रुपये में खरीदी थी, जिसका भुगतान विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई माध्यमों से किया गया। इसके बाद आरोपी पंजाब से हेरोइन और चिट्टा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने लगे। पुलिस के अनुसार फरवरी 2026 में पंजाब पुलिस ने इसी नेटवर्क से जुड़े मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में आरिफ के सहयोगी हैप्पी को गिरफ्तार किया था।
स्पेशल सेल ने दावा किया कि मंडोली जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर दीपक अगरोला की भी इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उसने जेल के भीतर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर अजमल गुज्जर के साथ संपर्क बनाए रखा और अपने सहयोगियों के माध्यम से अवैध हथियारों की खेप मंगवाई। जांच के दौरान जेल से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया था।
नेटवर्क की फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी: दिल्ली पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही पाकिस्तान से संचालित इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बिचौलियों, सप्लायरों और प्राप्तकर्ताओं की पहचान की जा रही है। स्पेशल सेल का कहना है कि पूरे मॉड्यूल की फंडिंग, आतंकी साजिश, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच जारी है।
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