नवाचार आधारित शिक्षण और आधुनिक समस्या समाधान तकनीकों पर होगा प्रशिक्षण
उद्घाटन सत्र में शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) अमित जैन ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के कौशल विकास के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी और शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। कंप्यूटर विज्ञान एवं संबद्ध शाखाओं की अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) सुनीता यादव ने अपने संबोधन में कहा कि डिजाइन थिंकिंग नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से जटिल समस्याओं का व्यावहारिक और उपयोगकर्ता-केंद्रित समाधान विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) नीलम सक्सेना एवं प्रो. (डॉ.) अरविंद देशमुख ने प्रतिभागियों को डिजाइन थिंकिंग की अवधारणा, उसके विभिन्न चरणों और शिक्षा क्षेत्र में उसके उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. (डॉ.) अंजनी कुमार सिंह तथा सह-समन्वयक डॉ. अरविंद तिवारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को "डिजाइन थिंकिंग" विषय को प्रभावी, व्यावहारिक और नवाचार-आधारित तरीके से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस एक सप्ताह के शिक्षक विकास कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 20 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।
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गाजियाबाद