अधिकारियों व रेस्क्यूर्स ने किया सामूहिक योगाभ्यास
गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 8वीं वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा सोमवार को विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा योग के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
यह योग शिविर 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ के सेनानी श्री सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के पूर्व स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री सचिदानंद, गाजियाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट श्री सतीश चंद्र त्रिपाठी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार राणा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आयुष) श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, 8वीं वाहिनी के कमान अधिकारी श्री रविंद्र सिंह असवाल सहित एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं रेस्क्यूर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया।
योगाचार्य डॉ. यश पराशर ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के माध्यम से शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक एकाग्रता, तनाव प्रबंधन तथा समग्र स्वास्थ्य संवर्धन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास अपनाकर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण योग शक्ति इंटरनेशनल योगा ट्रेनिंग सेंटर के बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन रहा। बच्चों ने विभिन्न योग मुद्राओं का मनमोहक एवं आकर्षक प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना प्राप्त की। उनकी प्रस्तुति ने योग के प्रति समर्पण, अनुशासन और जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।
इस अवसर पर उप सेनानी श्री नरेश कुमार नामदेव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य उपहार है, जो आज स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन के लिए अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में संलग्न एनडीआरएफ कर्मियों के लिए शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिसके विकास में नियमित योगाभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
Tags
गाजियाबाद



