जाममुक्त होगी दिल्ली: एलजी ने ट्रैफिक प्रबंधन को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के दिए निर्देश

34 हॉटस्पॉट पर ट्रैफिक जाम में कमी, AI आधारित ट्रैफिक प्रबंधन और ‘प्रोजेक्ट संगम’ पर जोर

नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक जाम और रेंगती यातायात व्यवस्था से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली की यातायात व्यवस्था को केवल मौजूदा समस्याओं के समाधान तक सीमित न रखकर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाया जाए। बैठक में दिल्ली पुलिस (यातायात) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 
उपराज्यपाल ने शहर के प्रमुख जाम वाले स्थानों (कंजेशन पॉइंट्स) की पहचान कर उन पर लक्षित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग हस्तक्षेप और आधुनिक तकनीक के समन्वय से स्थिति में सुधार दिखना शुरू हुआ है, लेकिन इसे और अधिक गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने सड़क डिजाइन में सुधार, यू-टर्न के बेहतर प्रबंधन और सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी बदलाव के जरिए जाम की समस्या को कम करने पर जोर दिया। साथ ही गलत दिशा में वाहन चलाने और अनधिकृत पार्किंग को दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उपराज्यपाल ने कहा कि सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग से मुख्य मार्ग संकरे हो जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
'प्रोजेक्ट संगम' से स्थानीय स्तर पर होगा समाधान: बैठक में 'प्रोजेक्ट संगम' की भी समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने इस पहल को ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों को यातायात प्रबंधन से जोड़ना आवश्यक है। इस परियोजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और ट्रैफिक लोड के आधार पर स्थानीय समाधान तैयार किए जाएंगे।
AI और ITMS से बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था: उपराज्यपाल ने 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) के विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यातायात प्रबंधन मैन्युअल व्यवस्था के बजाय डेटा आधारित और तकनीक संचालित होगा।
34 हॉटस्पॉट पर जाम में कमी: अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच चिन्हित 62 प्राथमिकता वाले ट्रैफिक हॉटस्पॉट में से 34 स्थानों पर महीने-दर-महीने जाम की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
  • पुश्ता रोड (कैलाश नगर) पर ट्रैफिक जाम में 82.59 प्रतिशत की कमी आई।
  • खजूरी चौक पर 74.29 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
  • तीन मूर्ति गोलचक्कर पर ट्रैफिक प्रवाह में 66.01 प्रतिशत सुधार हुआ।
हालांकि, सड़क निर्माण और अन्य कारणों से चार स्थानों पर जाम की स्थिति बढ़ी है। इनमें नारायणा फ्लाईओवर पर 1.28 प्रतिशत, साउथ एक्स पार्ट-1 पर 7.55 प्रतिशत, मैक्स हॉस्पिटल (साकेत) के पास 14.93 प्रतिशत और भवभूति मार्ग पर 349.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इन इलाकों में अब भी गंभीर समस्या: द्वारका मोड़, सराय काले खां, मुकरबा चौक और डाबरी गोलचक्कर को लगातार गंभीर ट्रैफिक समस्या वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर तत्काल बुनियादी ढांचे और परिचालन सुधारों की जरूरत बताई गई है। अतिक्रमण हटाने और यातायात को सुचारू बनाने के लिए DMRC, PWD, NHAI, DTC, NDMC और MCD सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें और संयुक्त सर्वे शुरू कर दिए गए हैं। उपराज्यपाल के निर्देशों और दिल्ली पुलिस की नई कार्यशैली से संकेत मिल रहे हैं कि राजधानी को जाममुक्त बनाने के लिए अब एक दीर्घकालिक और ठोस रणनीति पर काम शुरू हो चुका है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो दिल्लीवासियों को जल्द ही अधिक सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सकता है।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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