25 साल से मुस्लिम व्यक्ति ने किया था कब्जा, डीएम ने दुकान को कराया कब्जामुक्त
दरअसल, गांधीनगर निवासी प्रमोद बत्रा और उनकी पत्नी सुमन बत्रा ने बताया कि वर्ष 1992 में उन्होंने नगर पालिका से यह दुकान लीज पर प्राप्त की थी। लंबे समय तक वे वहां जूस की दुकान संचालित करते रहे। बाद में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्होंने दुकान का संचालन एक अन्य व्यक्ति, इमामुद्दीन, को सौंप दिया था।
बत्रा दंपत्ति के अनुसार, कुछ समय बाद इमामुद्दीन ने दुकान खाली करने से इनकार कर दिया और उस पर अपना कब्जा जमा लिया। इसके बाद वर्षों तक विवाद बना रहा और दंपत्ति को अपनी संपत्ति वापस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। सोमवार को बुजुर्ग दंपत्ति ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दुकान को खाली कराया और उसका कब्जा मूल लीजधारकों को सौंप दिया।
दुकान वापस मिलने पर बुजुर्ग दंपत्ति ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। प्रशासन का कहना है कि अभियान के तहत जरूरतमंद और पीड़ित लोगों को उनकी संपत्तियों एवं अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
बत्रा दंपत्ति के अनुसार, कुछ समय बाद इमामुद्दीन ने दुकान खाली करने से इनकार कर दिया और उस पर अपना कब्जा जमा लिया। इसके बाद वर्षों तक विवाद बना रहा और दंपत्ति को अपनी संपत्ति वापस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। सोमवार को बुजुर्ग दंपत्ति ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दुकान को खाली कराया और उसका कब्जा मूल लीजधारकों को सौंप दिया।
दुकान वापस मिलने पर बुजुर्ग दंपत्ति ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। प्रशासन का कहना है कि अभियान के तहत जरूरतमंद और पीड़ित लोगों को उनकी संपत्तियों एवं अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
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गाजियाबाद