तीन गिरफ्तार, दो इंजीनियर समेत चार सस्पेंड, एसआईटी गठित, सात दिन में देगी रिपोर्ट
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) में सोमवार दोपहर 1:30 बजे हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। इस घटना से व्यथित सीएम योगी ने कड़ा रूख अपनाया है। चंद घंटों में ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेकर दिखा दिया है कि उनके इस प्रकार की लापरवाही कतई मंजूर नहीं है। सीएम योगी के निर्देश पर चार बड़े जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। इसके साथ ही, पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर मौत की इमारत खड़ी करने वाले मुख्य आरोपी बिल्डिंग मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है।
तीन गिरफ्तार : थाना अलीगंज मे दिनांक 22.6.2026 को आग लगने की घटना मे अभियोग 115/2026 धारा 110 BNS, 105 BNS , 125 BNS , 3(5) BNS 6/10 उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम बनाम 6 नामजद अभियुक्त एवं अन्य जिम्मेदार के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को रामकृष्ण उपाध्याय (43), बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62) पुत्र रामेश्वर प्रसाद शुक्ला निवासी 536/265 A मदेयगंज नियर बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ और कृष्णा जायसवाल (31) पुत्र स्व. कृष्ण कुमार जायसवाल, पता 441 R N/ 69 / 3 नीलकंठ हॉस्पिटल लेन बालागंज लखनऊ थाना ठाकुरगंज को गिरफ्तार किया है।
चार पर गिरी गाज : वहीं मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार लोगों गौरव कुमार एक्सचेंज कलेक्शन जानकीपुरम, कमलेन्द्र कुमार सिंह FSSO इंदिरा नगर, अनिल कुमार AE और प्रमोद पांडेय JE को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड होने वालों में 2 एलडीए के एक ऊर्जा विभाग तथा एक फायर विभाग के अफसर हैं।
दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित : सीएम योगी के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.। विशेष जांच दल में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग, प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन को जांच सौंपी गई है। जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सीएम ने बिल्डिंग का निरीक्षण किया : सीएम योगी अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पर पहुंचे. उन्होंने बिल्डिंग का निरीक्षण किया और बगल के भवन की छत पर जाकर भी हालात के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली। उन्होंने अग्निकांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।
धुएं ने निगल ली जिंदगियां, रेस्क्यू तेज होता तो बच जाती कई जिंदगियां: सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव भी इस अग्निकांड का शिकार हो गए. उनके परिजनों ने बताया कि आग लगने के दौरान आदित्य ने अपने दोस्तों को फोन कर कहा था यहां बहुत धुआं भर गया है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है, आग लग गई है हम फंस गए हैं. सूचना मिलते ही परिवार और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी. हादसे में जान गंवाने वालों में अलोन चक्रवर्ती और सूरज सिंह भी हैं. दोनों कोचिंग सेंटर में एनिमेशन का कोर्स कर रहे थे. परिजनों के मुताबिक, आग लगने के बाद उन्होंने फोन कर फायर ब्रिगेड बुलाने की गुहार लगाई थी. परिवार का आरोप है कि वे लोग मौके पर पहुंचकर पीछे की दीवार तोड़कर अंदर फंसे युवाओं को निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके पास ऐसा कोई साधन नहीं था जिससे दीवार तोड़ी जा सके. मृतकों में 23 वर्षीय शहजाद भी शामिल हैं. उनके चाचा आदिल ने बताया कि शहजाद लखनऊ के रहने वाले थे और कंप्यूटर का कोर्स कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अब बोलने की हिम्मत नहीं बची है. आग लगने के बाद शहजाद का फोन आया था. वह कह रहा था कि मैं बाथरूम में फंस गया हूं, मुझे बचा लो.
भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वालों में बाराबंकी जिले के फतेहपुर कस्बे के मोहम्मद शहजान की भी मौत हो गई. मोहम्मद शहजान के चचेरे भाई मोहम्मद फैसल ने बताया कि उसके चाचा हाजी मोहम्मद इमरान पिछले करीब 10 वर्षों से वह अपने परिवार के साथ जानकीपुरम लखनऊ में रह रहे हैं. हाजी मोहम्मद इमरान की तीन बेटियां हैं और एक 19 वर्षीय बेटा मोहम्मद शहजान था. मोहम्मद शहजान एडवरटाइजिंग सीखने के लिए कोचिंग जाता था. रोज की तरह शहजान सोमवार को भी कोचिंग पहुंचा था. दोपहर में अचानक लगी आग में वह भी फंस गया, जिसमें झुलसकर उसकी मौत हो गई. शहजान की मौत की खबर जब फतेहपुर पहुंची तो न केवल उसके रिश्तेदारों, बल्कि पूरे कस्बे में शोक पसर गया. हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. एक ओर कोचिंग संचालकों की कथित लापरवाही, अग्निशमन विभाग की तैयारियों और रेस्क्यू ऑपरेशन की गति पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार ने मुआवजे, न्याय और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है.
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