गाजियाबाद पुलिस का ऑपरेशन प्रहार सफल: 7 अवैध पिस्टल और 22 कारतूस बरामद, थार कार जब्त
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट की अपराध शाखा और थाना भोजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 अवैध पिस्टल, 22 जिंदा कारतूस और दिल्ली नंबर की एक महिंद्रा थार बरामद की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि यह गैंग वेस्ट यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में 100 से ज्यादा हथियार सप्लाई कर कर चुका है।एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह की टीम ने इस गैंग की गिरफ्तारी की है।एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड आर्डर राज करन नैय्यर ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना राजीव गार्डन इंद्रापुरी निवासी अरुण कुमार, ट्रोनिका सिटी के सुधीर एंकलेव निवासी रंजीत राय, दिल्ली के सोनिया विहार के सभापुर निवासी अभिषेक शर्मा को अरेस्ट किया है। इस गैंग का सरगना तिहाड़ जेल में बंद उमेश शर्मा उर्फ उमेश पंडित है, जो गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी का रहने वाला है। ये 2 साल से यह हथियारों की तस्करी कर रहे थे। इस गैंग ने सबसे ज्यादा पिस्टल दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, शामली और हरियाणा में की है। यह गैंग संदीप भाटी गैंग के लिए काम करता है। गैंग अलग अलग जिलों में काम कर रहा है। इस गैंग के एक दर्जन से अधिक बदमाश फरार हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
प्रोपर्टी डीलर के ऑफिस से हथियारों का सौदा: पकड़े गए अभिषेक शर्मा ने बताया कि मैं प्रोपर्टी डीलर हूं। हयात एकंलेव अंकुर विहार गाजियाबाद में मेरा ऑफिस है। रंजीत भी प्रोपर्टी डीलर का काम करता है। प्रोपर्टी डीलर के काम के जरिए ही अभिषेक की मुलाकात रंजीत और अरुण से हुई। दिल्ली जेल में मुलाकात के बाहने ही हथियारों पर बातचीत होती थी। अरुण के दोस्त रितिक के माध्यम से इन अवैध पिस्टल को 30 से 35 हजार रुपये में खरीदा जाता था। फिर एक पिस्टल को 50 से 55 हजार रुपये में बेचा जाता था। अब पुलिस शामली के थाना भवन निवासी रितिक की तलाश कर रही है। 200 से ज्यादा कारतूस इस गैंग ने सुनील पहवान निवासी खड़खड़ी को दे चुके हैं। पिछले एक वर्ष में वे करीब 20 अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 देसी पिस्टल (.32 बोर), 1 पिस्टल (.30 बोर), 22 जिंदा कारतूस और एक महिंद्रा थार (DL-7CW-0480) बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ थाना भोजपुर में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
कोडवर्ड में करते थे बात: एडिशनल डीसीपी पीयूष सिंह ने बताया कि पकड़े गए तीनों हथियार तस्करों ने बताया कि हम पुलिस से बचने के लिए व्हाट्सएस पर कोड वर्ड में बात करते थे। बड़ी और महंगी पिस्टल को भैंस का नाम लेकर बात करते थे। जिसमें दाम कम व ज्यादा कराने के लिए दाना नाम लेते थे। साधारण महंगाई में बताकर कहते थे कि भैंस महंगी है। 32 बोर की पिस्टल के लिए भैंस शब्द कोडवर्ड में बोलते थे। दूसरी पिस्टल के लिए दाना शब्द बोले थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि अधिकांश पिस्टल मेरठ के लिसाड़ीगेट में बनाई गईं हैं। इस साल गाजियाबाद पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार में 127 हथियार बरामद करते हुए 101 केस दर्ज किए हैं।
इस सफल कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था/यातायात) ने संयुक्त पुलिस टीम को 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
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