स्कैनर और फर्जी नंबर प्लेट से चुराते थे कारें, मास्टरमाइंड समेत छह आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन वाहन चोर और चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने वाले तीन रिसीवर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार चोरी की कारें, फर्जी नंबर प्लेटें, डुप्लीकेट चाबी बनाने में इस्तेमाल होने वाले रिमोट, ओबीडी स्कैनर तथा अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक जिले में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एएटीएस की विशेष टीम का गठन किया गया था। इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशन संगमित्रा की निगरानी में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पालम विलेज में दर्ज कार चोरी के एक मामले में काशिफ की पहचान हुई। गुप्त सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाकर वाहन चोर रिजवान, तालिब और सिकंदर के साथ चोरी की गाड़ियों का रिसीवर काशिफ को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक और चोरी की कार बरामद की तथा मुंबई के बांद्रा से चोरी की गाड़ियों के रिसीवर कुनाल जायसवाल को गिरफ्तार किया। इसके बाद 20 जुलाई को शाहीन बाग निवासी इरफान अहमद को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार इरफान चोरी की कारों को खरीदकर उन्हें काटता था और उनके स्पेयर पार्ट्स बेचकर अवैध कमाई करता था। उसकी निशानदेही पर एक चोरी की कार कटी हुई अवस्था में बरामद हुई।
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि इस कार्रवाई में चार वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। आरोपियों के पास से चोरी की कारों के अलावा फर्जी नंबर प्लेटें, ओबीडी स्कैनर, डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले रिमोट और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि काशिफ गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो चोरी की गाड़ियों को दिल्ली, मुंबई और जोधपुर तक सप्लाई करता था। वहीं रिजवान, तालिब और सिकंदर दिल्ली-एनसीआर से वाहन चोरी करते थे, जबकि इरफान अहमद चोरी की कारों को काटकर उनके स्पेयर पार्ट्स बेचता था। पुलिस के अनुसार गिरोह के कई सदस्य पहले भी वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से एक सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों तथा चोरी की गाड़ियों के खरीदारों की तलाश में जुटी हुई है।
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