चाइनीज मांझा मामले में नया मोड़: आरोपी को पीएफए ने पकड़वाया मगर रिश्वत ने छुड़वाया

गिरफ्तार किए गए आरोपी को छोड़ने के नाम पर 50 हजार रुपए लेने का आरोप
आरोपी की चैट और ऑडियो के आधार पर पीएफए के सदस्य ने एडीशनल सीपी से की शिकायत
गाजियाबाद।
लोनी क्षेत्र में बुधवार को प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) से जुड़े गौरव गुप्ता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एडीशनल पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। शिकायत में दावा किया गया है कि चाइनीज मांझा मामले में पकड़े गए आरोपी को थाने से छोड़ने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर 50 हजार रुपए की रिश्वत ली। इस संबंध में आरोपी की कथित चैट और ऑडियो भी शिकायत के साथ उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई को पीएफए की सूचना पर लोनी पुलिस ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मन्नू नाम के आरोपी को बंथला चौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया था कि वीआईपी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में चाइनीज मांझा रखा हुआ है और वह पुलिस को वहां तक ले जाकर बरामदगी करा सकता है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बंथला चौकी प्रभारी अंकित राठौर ने आरोपी को अपनी गाड़ी में बैठाकर कथित रूप से धमकाया कि यदि उसने आगे और चाइनीज मांझा बरामद कराया तो उसे बुरी तरह पीटा जाएगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि यह आरोप सही हैं तो इससे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के बजाय अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।
पीएफए के सदस्य गौरव गुप्ता का दावा है कि आरोपी ने उन्हें भेजी गई कथित चैट में लिखा है कि "तुमने मुझे पकड़वाकर ठीक नहीं किया। मेरे पिता ने ब्याज पर पैसे लेकर पुलिस को ₹50 हजार दिए, तब जाकर मुझे छुड़ाया गया।" इसी आधार पर पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाया गया है।
गौरव गुप्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एडीशनल पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कारोबार रोकना मुश्किल होगा।
गौरतलब है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से हर वर्ष कई लोगों की जान जाती है और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। ऐसे में पुलिस पर लगे इन आरोपों ने कानून व्यवस्था और कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

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