केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिखाई ई-बसों को हरी झंडी, आरके पुरम बस डिपो और 100 करोड़ की हाईटेक जेल परियोजना का भी ई-शिलान्यास
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने और कानून-व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त करने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से 300 नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) को हरी झंडी दिखाई। साथ ही दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम में मल्टी-लेवल बस डिपो और नरेला में बनने वाली देश की सबसे आधुनिक हाई-सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास भी किया।
दिल्ली के बस बेड़े में जुड़ीं 300 नई ई-बसें: दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में शामिल की गई 300 नई इलेक्ट्रिक बसें प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-Drive) योजना के तहत लाई गई हैं। इनके शामिल होने के बाद राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या करीब 4,800 और कुल बस बेड़ा 7,000 से अधिक हो गया है। यह देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क में से एक माना जा रहा है। नई बसों में 195 नौ मीटर लंबी डीईवीआई (DEVI) श्रेणी की बसें हैं, जिन्हें संकरी सड़कों और अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए संचालित किया जाएगा। वहीं 105 बारह मीटर लंबी बसें मुख्य मार्गों पर यात्रियों को सेवाएं देंगी।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान: नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों में आधुनिक तकनीक से लैस कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग सिस्टम, व्हीलचेयर रैंप और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सीटों की व्यवस्था शामिल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 30 जून 2026 को अधिसूचित दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026 के तहत भविष्य में सार्वजनिक परिवहन के लिए खरीदी जाने वाली सभी नई बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक 7,000 और वर्ष 2028-29 तक 14,000 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार करना है।
आरके पुरम में बनेगा मल्टी-लेवल बस डिपो: ई-बसों के संचालन और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए आरके पुरम में आधुनिक मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी गई। यहां बसों की चार्जिंग, पार्किंग और रखरखाव के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
नरेला में बनेगी हाईटेक हाई-सिक्योरिटी जेल: कार्यक्रम के दौरान नरेला में बनने वाली देश की सबसे आधुनिक हाई-सिक्योरिटी जेल का भी ई-शिलान्यास किया गया। करीब 250 से अधिक अत्यधिक संवेदनशील कैदियों की क्षमता वाली इस जेल के निर्माण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगा, जबकि शेष राशि दिल्ली सरकार वहन करेगी। रेडियल-एक्सियल डिजाइन पर बनने वाली इस जेल में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से पूरे परिसर की निगरानी की जा सकेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल, ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम, फुल बॉडी स्कैनर, मोबाइल सिग्नल जैमर और बॉडी-वॉर्न कैमरों जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक कैदी के लिए अलग सेल, सेल के भीतर शौचालय एवं स्नानघर, एंटी-टनलिंग तकनीक और जेल परिसर में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से युक्त कोर्ट कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा, ताकि कैदियों को बार-बार जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता न पड़े।
70 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ: कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधरोपण अभियान की भी शुरुआत की। सरकार ने लोगों से इस अभियान में भागीदारी की अपील करते हुए इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा भी शुरू की है।
पर्यावरण और सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती: सरकार का कहना है कि 300 नई इलेक्ट्रिक बसों, आधुनिक बस डिपो, हाईटेक जेल और बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान जैसी परियोजनाएं दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और तकनीक आधारित आधुनिक राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन परियोजनाओं से एक ओर प्रदूषण कम होगा, वहीं दूसरी ओर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
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