चुनाव आयोग ने बदली तारीखें: दिल्ली SIR की समय सीमा 12 दिन बढ़ी, 19 अक्टूबर को होगा अंतिम प्रकाशन
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR- Special Intensive Revision) प्रक्रिया के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के लिए संशोधित कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। आयोग ने 1 जुलाई 2026 को क्वालीफाइंग डेट मानते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की नई समय-सारणी जारी की है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किया जा रहा घर-घर सत्यापन अभियान अब पहले निर्धारित 29 जुलाई के बजाय 8 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 अगस्त को मतदान केंद्रों के पुनर्निधारण की कार्रवाई की जाएगी।17 अगस्त को जारी होगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट: निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों को सूची में नाम जोड़ने, हटाने या किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 17 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों के निपटारे के लिए नोटिस फेज 17 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।
19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची: सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद दिल्ली की संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के अंडर सेक्रेटरी संदीप कुमार द्वारा जारी निर्देश में संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम की जानकारी देने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में भाग लेकर अपने मतदाता विवरण की जांच और आवश्यक सुधार करा सकें। इसके अलावा, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी संशोधित कार्यक्रम की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का उद्देश्य है कि आगामी चुनावों से पहले दिल्ली की मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिमुक्त बनाया जा सके।
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