फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा, नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब (वीडियो देखें)

24 शिकायतों के बाद खुला फर्जी कॉल सेंटर का राज, 17 महिला सहित 20 गिरफ्तार

गाजियाबाद।
पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और थाना साहिबाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने राजेंद्र नगर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया। 
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर इस कॉल सेंटर के खिलाफ अब तक 24 शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह का सरगना अभिषेक जैन है, जिसने जैनसन इंटरनेशनल नाम से फर्म बना रखी थी। फर्म की आड़ में उसकी पत्नी लीना, रिश्तेदारों और अन्य साथियों के सहयोग से फर्जी काॅल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां युवतियों और युवकों को नौकरी पर रखकर बेरोजगार लोगों को काॅल कर रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस, इंटरव्यू फीस और कमीशन के नाम पर रकम वसूली जाती थी। 
डीसीपी के अनुसार यह कार्रवाई 14 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस आयुक्त के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन के पर्यवेक्षण में अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध), सहायक पुलिस आयुक्त साहिबाबाद, स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और थाना साहिबाबाद पुलिस द्वारा की गई। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक जैन, पीयूष जैन, चिंटू कुमार, लीना पंवार, आकांक्षा जैन, ज्योति, वर्षा, सीमा, मुस्कान, आंचल जैन, कविता, विनीता मेहरा, शालिनी, निशा, गीतांजलि, पूजा, कंचन, रोहिणी, प्रिया सिंह और तन्नू सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 14 की-पैड मोबाइल फोन, 47 सिम कार्ड, 16 डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 10 मुहरें, 8 चेकबुक, 5 पासबुक, फर्जी आधार कार्ड व वोटर आईडी, 2 प्रिंटर, 12 पावर एडॉप्टर, 1 डोंगल, 7 पेन ड्राइव, 1 क्यूआर कोड स्कैनर तथा एक ऑडी कार बरामद की है।
पूछताछ में मुख्य आरोपी अभिषेक जैन ने बताया कि उसने जैनसन इंटरनेशनल नाम से एक फर्म पंजीकृत कर रखी थी, कागजों में यह फॉर्म मखाने के कारोबार से जुड़ी हुई थी. लेकिन इसकी आड़ में अपनी पत्नी लीना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन, आंचल जैन तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। गिरोह इंटरनेट से Foundit.com और Naukri.com जैसी रोजगार वेबसाइटों से बेरोजगार युवाओं का डेटा खरीदता था। इसके बाद कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस, इंटरव्यू शुल्क और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम वसूलते थे। कर्मचारियों को फर्जी पहचान पर मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे, ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने बेरोजगार युवाओं को ठगी का शिकार बनाया, कितनी रकम की धोखाधड़ी की और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, जिससे साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

ALERT AFSARSHAHI

-विनोद कुमार यादव, संपादक Email:alertafsarshahi@gmail.com "अलर्ट अफसरशाही" राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी मासिक पत्रिका है जो शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार करने के साथ ही अधिकारी वर्ग द्वारा किए जाने वाले सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित करती है। पत्रिका में स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी परक लेख-आलेख विशेष रूप से सम्मिलित किए जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने