कॉकरोच जनता पार्टी ने धरना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया, बोले- सरकार ने तीनों मांग मानी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालय के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने की मंजूरी दे दी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-जंतर आंदोलनरत छात्रों ने जश्न मनाया। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दस दिनों की घटनाओं से वह बेहद दुखी हैं और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी भी इस स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा।दरअसल, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) भी आंदोलन कर रही थी। कॉजपा ने दावा किया कि सरकार ने संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। इसके बाद संगठन ने नीट विवाद को लेकर पिछले 36 दिनों से जारी अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। पार्टी के प्रवक्ता सौरव घोष ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा सरकार कथित तौर पर नीट विवाद से जुड़े आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने तथा दिल्ली समेत भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर भी सहमत हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "आपने मुझे जो पांच-सूत्रीय चार्टर दिया है, वह शिक्षा परीक्षाओं में सुधार से संबंधित है. इस बारे में हमारा कहना है कि हम शिक्षा परीक्षाओं में सुधार के लिए आपके चार्टर पर गंभीरता से विचार करेंगे और आपके प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद, हम जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करने की कोशिश करेंगे. तो ये उनकी मांगें थीं। मुझे लगता है कि सरकार ने उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है और उन्हें स्वीकार भी किया है।"
कॉजपा ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर सरकार और संगठन के प्रतिनिधि चार सप्ताह बाद फिर बैठक करेंगे। उल्लेखनीय है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन चल रहा था।
#WATCH | Delhi: After talks with Cockroach Janta Party delegation, Union Minister JP Nadda says, "We had a long conversation today. They brought a written draft in which they made four points about the ongoing cases in agitation. Along with that, we discussed the other two… pic.twitter.com/H1ImnechUm
— ANI (@ANI) July 25, 2026