पुलिस-एनएचआरसी की रेड में मास्टरमाइंड समेत 7 गिरफ्तार, 35 लाख का सामान जब्त
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े एक्सपायरी फूड सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने ओखला फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री पर छापेमारी कर एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य उत्पादों को दोबारा बाजार में बेचने के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान करीब 30 से 35 लाख रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद बरामद किए गए और गिरोह के सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दर्शन सिंह सचदेवा, नितेश भारद्वाज, नरेंद्र कुमार, कपिल, लकी, प्रेम और पवन के रूप में हुई है। ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बाल मजदूरी की सूचना पर हुई थी छापेमारी: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि 1 जुलाई को एनएचआरसी को ओखला फेज-2 स्थित फैक्ट्री में बाल मजदूरी कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर 2 जुलाई को एनएचआरसी और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। हालांकि जांच में बाल मजदूर नहीं मिले, लेकिन फैक्ट्री के भीतर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। टीम ने पाया कि कर्मचारियों द्वारा थिनर की मदद से खाद्य उत्पादों पर अंकित पुरानी एक्सपायरी डेट मिटाई जा रही थी और विशेष मशीनों से नई एक्सपायरी डेट छापकर उन्हें दोबारा पैक किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food & Supply Department) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
17 वर्षों से चल रहा था गोरखधंधा: जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड दर्शन सिंह सचदेवा है, जो पिछले 17 वर्षों से इस कारोबार को चला रहा था। पुलिस के अनुसार, पहले इस कंपनी का संचालन उसका बेटा करता था, जिसकी अब मृत्यु हो चुकी है। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गिरोह बाजार से ऐसे खाद्य उत्पाद बेहद कम कीमत पर खरीदता था, जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त होने में केवल एक-दो महीने बाकी होते थे या जिन्हें कंपनियां वापस मंगा लेती थीं। इसके बाद फैक्ट्री में उनकी एक्सपायरी डेट फर्जी तरीके से बढ़ाकर उन्हें दोबारा बाजार और निर्यात (एक्सपोर्ट) के माध्यम से ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
35 लाख रुपये के खाद्य उत्पाद जब्त: पुलिस ने फैक्ट्री से 57 से अधिक प्रकार के खाद्य उत्पाद बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। जब्त सामान में कई नामी ब्रांड्स के उत्पाद शामिल हैं, जिनमें टाटा नमक के 60 कार्टन, मैगी मसाला नूडल्स के 250 कार्टन, मैगी केचप के 60 कार्टन, विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स तथा कोल्ड ड्रिंक्स के करीब 360 कार्टन शामिल हैं। पुलिस ने सभी संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य उत्पादों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नकली एक्सपायरी डेट वाले उत्पाद किन-किन बाजारों तक पहुंचाए गए।
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