मुख्यालय में प्रदर्शन; निगम बोला- छात्रों के हित में लिया फैसला
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) के शिक्षा विभाग द्वारा करीब 550 अनुबंधित (कॉन्ट्रैक्ट) शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। तबादलों से प्रभावित शिक्षकों ने फैसले का विरोध करते हुए एमसीडी मुख्यालय में मेयर और शिक्षा समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरना दिया। शिक्षकों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना, काउंसलिंग या विकल्प दिए उन्हें अचानक दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया।प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि कई शिक्षकों का तबादला उनके वर्तमान विद्यालय से 20 से 25 किलोमीटर दूर, जबकि कुछ का इससे भी अधिक दूरी वाले स्कूलों में किया गया है। उनका कहना है कि रोजाना इतनी लंबी दूरी तय करना आर्थिक, पारिवारिक और व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन होगा। शिक्षक संगठनों ने स्थानांतरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि शिक्षकों का संतुलन बनाना ही उद्देश्य था, तो चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। अचानक जारी आदेशों से सैकड़ों शिक्षकों और उनके परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
वहीं, एमसीडी प्रशासन ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह निर्णय पूरी तरह विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। अतिरिक्त आयुक्त संजीव मित्तल ने बताया कि निगम स्कूलों में शिक्षकों के असमान वितरण को संतुलित करने और जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां शिक्षण व्यवस्था मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जा सकती है।
एमसीडी की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि वर्षों पहले जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी, वहां समग्र शिक्षा योजना के तहत अनुबंधित शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। समय के साथ कई विद्यालयों में DSSSB के माध्यम से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि कई स्कूल अब भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में विशेष रूप से शाहदरा नॉर्थ और शाहदरा साउथ जोन के स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है, ताकि सभी विद्यार्थियों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। योगेश वर्मा ने यह भी आश्वासन दिया कि जिन शिक्षकों को वास्तविक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, उनके मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
योगेश वर्मा ने दावा किया कि दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग 1,500 विद्यार्थियों का चयन सीएम श्री स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में हुआ है, जो निगम विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है और शिक्षा विभाग का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का संतुलित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। साथ ही भविष्य में आवश्यकता के अनुसार स्थायी शिक्षकों का भी रेशनलाइजेशन किया जाएगा।
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