प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय जीडी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित की स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यशाला
गुरुग्राम। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, फर्रुखनगर सेवा केंद्र द्वारा स्थानीय जीडी इंटरनेशनल स्कूल में 'स्ट्रेस मैनेजमेंट विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने के प्रभावी उपाय बताए गए।
कार्यक्रम में स्कूल के डायरेक्टर सुनील यादव, बीके प्रोमिला दीदी, बीके गार्गी दीदी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग परिवार और कार्यस्थल दोनों जगह मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और पारिवारिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में अध्यात्म और राजयोग मेडिटेशन तनाव को कम करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
बीके प्रोमिला दीदी ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के विचारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। इससे परिवार में आपसी प्रेम, शांति और सामंजस्य बढ़ता है, वहीं कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ बेहतर संबंध स्थापित होते हैं और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के भारत में 9,000 से अधिक तथा 140 देशों में लगभग 5,000 सेवा केंद्र संचालित हैं, जहां राजयोग मेडिटेशन का प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क दिया जाता है। इच्छुक व्यक्ति केवल सात दिनों तक प्रतिदिन आधे घंटे का प्रारंभिक प्रशिक्षण लेकर इसके बाद ऑनलाइन या ऑफलाइन नियमित अभ्यास जारी रख सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर बीके स्वाति बहन ने स्कूल ऑडिटोरियम में स्ट्रेस मैनेजमेंट पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने तनाव के कारणों, उसके दुष्प्रभावों और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में बड़ी संख्या में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को बताया गया कि सेक्टर-92 (सारे होम्स) और फर्रुखनगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर बिना किसी शुल्क के राजयोग मेडिटेशन का नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध है, जहां इच्छुक व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में स्कूल के डायरेक्टर सुनील यादव, बीके प्रोमिला दीदी, बीके गार्गी दीदी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग परिवार और कार्यस्थल दोनों जगह मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और पारिवारिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में अध्यात्म और राजयोग मेडिटेशन तनाव को कम करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
बीके प्रोमिला दीदी ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के विचारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। इससे परिवार में आपसी प्रेम, शांति और सामंजस्य बढ़ता है, वहीं कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ बेहतर संबंध स्थापित होते हैं और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के भारत में 9,000 से अधिक तथा 140 देशों में लगभग 5,000 सेवा केंद्र संचालित हैं, जहां राजयोग मेडिटेशन का प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क दिया जाता है। इच्छुक व्यक्ति केवल सात दिनों तक प्रतिदिन आधे घंटे का प्रारंभिक प्रशिक्षण लेकर इसके बाद ऑनलाइन या ऑफलाइन नियमित अभ्यास जारी रख सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर बीके स्वाति बहन ने स्कूल ऑडिटोरियम में स्ट्रेस मैनेजमेंट पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने तनाव के कारणों, उसके दुष्प्रभावों और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। कार्यशाला में बड़ी संख्या में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने भाग लिया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को बताया गया कि सेक्टर-92 (सारे होम्स) और फर्रुखनगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर बिना किसी शुल्क के राजयोग मेडिटेशन का नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध है, जहां इच्छुक व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
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