वेब सिटी में तीखी बहस का वीडियो वायरल: हिरासत में लेने का आरोप, पुलिस बोली- सिर्फ बातचीत करने गई थी टीम
गाजियाबाद। वेब सिटी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के विवाद को लेकर किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सुबह करीब 10 बजे हुई इस घटना के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। घटनास्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद किसानों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है।
किसानों का आरोप- पुलिस हिरासत में लेने पहुंची: किसानों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। बुधवार सुबह पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। किसान नेता आनंद चौधरी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को थाने में बैठाकर रखा। उनका कहना है कि एक निजी बिल्डर ने प्रशासन को गुमराह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को आज तक उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिला, जबकि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए गए हैं। आनंद चौधरी ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर किसानों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।
पुलिस ने आरोपों से किया इनकार: वहीं, वेब सिटी थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह ने किसानों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बाद प्राधिकरण ने जमीन राजस्व विभाग को सौंप दी थी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि बिल्डर को हस्तांतरित कर दी गई। उन्होंने बताया कि बिल्डर अब निर्माण कार्य शुरू करना चाहता है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। बुधवार सुबह राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ किसानों से बातचीत करने गई थी। किसी भी किसान को हिरासत में नहीं लिया गया।
19 जून को भी हुआ था टकराव: गौरतलब है कि इसी जमीन को लेकर 19 जून को भी किसानों और बिल्डर के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान किसानों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया गया था। मामले में 21 नामजद और 10 अज्ञात किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर विवाद लगातार जारी है।
Tags
गाजियाबाद