बिना वैध लाइसेंस चल रही चाप फैक्ट्री सील जैसी कार्रवाई, नमूने जांच को भेजे
गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र के आर्यनगर में अवैध रूप से संचालित एक चाप बनाने की फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकायत मिलने के बाद छापेमारी की। जांच के दौरान फैक्ट्री मालिक वैध खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस करीब एक माह पहले समाप्त हो चुका है तथा नए लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है। छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री से मैदा सहित चाप निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। रिपोर्ट आने तक विभाग ने फैक्ट्री का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मौके पर तैयार और अधबनी चाप भी जब्त कर ली गई।निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहद खराब मिली। अधिकारियों के अनुसार खाद्य पदार्थों का निर्माण स्वच्छ वातावरण में किया जाना अनिवार्य है, लेकिन निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह भी पाया गया कि फैक्ट्री में सोया चाप के नाम पर मुख्य रूप से मैदा से चाप तैयार की जा रही थी, जिसे लगभग 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बाजार में बेचा जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किए जाने की आशंका जताई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण में फैक्ट्री में गंदगी मिलने के साथ-साथ वैध लाइसेंस का अभाव भी पाया गया। खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल फैक्ट्री को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मिलावटी एवं अस्वच्छ खाद्य पदार्थ तैयार कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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