3 से ज्यादा बच्चे हैं या बिजली ज्यादा खर्च की, तो नहीं मिलेगा दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने कैबिनेट की बैठक के बाद दिल्ली लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए आवेदन 1 अगस्त से शुरू होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी ऐलान कर दिया है कि रक्षा बंधन यानी 28 अगस्त को योजना की पहली किस्त जारी की जाएगी। इस योजना की पात्रता की शर्तें तो सरकार पहले ही बता चुकी है। अब यह भी साफ होता जा रहा है कि किन-किन महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि किसी महिला के तीन बच्चे हैं तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। एक वर्ष में 2400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले परिवार की महिलाएं भी इससे वंचित रहेंगी।
इस योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से आनलाइन होगी। पात्र महिलाएं एक अगस्त से इस पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगी। आवेदन की जांच, अंतिम स्वीकृति और शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए जिला स्तर पर प्रणाली विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए सरकार ने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा कर दिया गया है। 2.50 लाख या उससे काम आय वाले परिवार की 21 वर्ष से 60 वर्ष तक की उम्र वाली लगभग 17 लाख पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। योजना लागू होने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगी। उसके बाद इसमें संभावित परिवर्तन करके आगे जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डा. पंकज सिंह व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हर महीने 2500 रुपये प्राप्त करने के दो विकल्प: पहले विकल्प में 1500 रुपये आरडी/एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे, जबकि 1,000 रुपये सीबीडीसी डिजिटल रुपया वालेट में दिए जाएंगे। इसका उपयोग सरकार द्वारा निर्धारित वस्तुओं और सेवाओं के लिए किया जा सकेगा। दूसरे विकल्प में महिला चाहे तो पूरी 2500 रुपये की राशि आरडी/एफडी के रूप में ही प्राप्त कर सकती हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को पूंजी निवेश के लिए सहायक बनाना है।
इन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ: पहले से किसी अन्य आर्थिक सहायता योजना या पेंशन प्राप्त करने वाली। आयकर देने वाली, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली। सरकारी कर्मचारी। तीन से अधिक जीवित बच्चों की माताएं। ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है। परिवार का कोई सदस्य राज्य सरकार, भारत सरकार, सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) अथवा किसी सरकारी संगठन में कार्यरत हो। चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार की महिला। आपराधिक रिकार्ड रखने वाले परिवार की महिला।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ेंगी लाभार्थी महिलाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जिम्मेदारी और महिलाओं के समग्र विकास को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के तहत बच्चों का स्कूल में नामांकन, आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आइडी, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) आइडी, समय पर टीकाकरण और पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के साथ ही इन महिलाओं को एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छ भारत अभियान तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने जैसे जनहित अभियानों से भी जोड़ा जाएगा। साथ ही उन्हें स्वयं सहायता समूहों और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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