प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज से बिफरा विपक्ष, कांग्रेस का भी प्रदर्शन
नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन सोमवार को पुलिसिया कार्रवाई के बाद थोड़े समय के लिए थमा मगर देर रात फिर से शुरू हो गया। जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन का 32वां दिन रहा। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सरकार ने समय बर्बाद किया है। साथ ही कहा कि अब वे सरकार से फिर बातचीत करने नहीं जाएंगे। अब सरकार को यहां जंतर-मंतर पर आना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ता के नाम पर उनके प्रतिनिधियों आशुतोष रांका और सौरव दास के मोबाइल जब्त कर लिए गए। दोनों को एक तरह से जेपी नड्डा के घर पर नजरबंद कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पूरा प्लान टीम को तितर-बितर करने का था, ताकि जब अफरा-तफरी मचे तो कोई वहां न हो। इसीलिए उन्होंने उन्हें पांच घंटे तक बिठाए रखा और हमारा समय बर्बाद किया। एक तरफ तो आप बातचीत के लिए बुलाते हैं और दूसरी तरफ छात्रों पर लाठियां बरसाते हैं।’’
पीएम आवास के पास 3 घंटे से कांग्रेस का धरना: मंगलवार को इस पूरे मामले को लेकर सियासी पारा भी चढ़ा रहा। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने संसद परिसर में डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना दिया तो वहीं एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, शरद पवार और अरविंद केजरीवाल प्रदर्शकारियों के बीच पहुंचे। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश दे दिया है जिस पर गीतांजलि ने खुशी जाहिर की।
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे हैं। इनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। कांग्रेस के प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे। राहुल गांधी से चर्चा करने के बाद वह गृह मंत्री अमित शाह के पास गए। शाह से बातचीत के बाद उन्होंने फिर राहुल से बात की। सोशल मीडिया पोस्ट में जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी की मांग थी कि NEET पर संसद में चर्चा हो। राहुल की यह मांग मान ली गई थी। लेकिन राहुल अपनी बात से मुकर गए। वह बोले- अब हमारी दो मांगे हैं। पहली- NEET पर संसद में चर्चा, दूसरी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा। गृह सचिव ने राहुल से कहा- यह जगह धरने के लिए अनुकूल नही हैं, इस पर राहुल बोले- ये भी मेरी मर्जी है जहां चाहे बैठें।
पीएम आवास के पास मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे धरने पर बैठे कांग्रेसियों को पुलिस शाम साढ़े 6 बजे उठाकर ले गई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता को हिरासत में ले लिया है। सरकार ने 3 घंटे के धरने में राहुल से 2 बार बातचीत की, लेकिन वे नहीं मांगे। इसके बाद 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी पहुंचे तो कांग्रेसियों ने घेरा बना लिया और राहुल तक पहुंचने नहीं दिया। कांग्रेसियों और पुलिस के बीच आधे घंटे तक धक्का-मुक्की होती रही। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आखिर में 12 से ज्यादा पुलिसकर्मी उन्हें उठाकर ले गए और बस में बैठाया।
नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी ने सख्त सजा देने की कही बात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम के बाद मीडिया को बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर पैदा हो। रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी वजह से नीट की दोबारा परीक्षा जल्द कराई गई और उसका परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किया गया, ताकि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक रैकेट में शामिल जिन लोगों की पहचान हुई है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दोषियों को इतनी सख्त सजा मिले कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि पेपर लीक केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। इसलिए सभी राज्यों और सभी राजनीतिक दलों को इस अपराध के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी दलगत राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि देश और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का सवाल है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार सिर्फ भविष्य में पेपर लीक रोकने का भरोसा ही नहीं दे रही, बल्कि देश के युवाओं को विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए भी तैयार कर रही है। उन्होंने कहा है कि भारत के युवा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार का पूरा ध्यान उनके भविष्य को मजबूत बनाने पर है।
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